जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : रबी की फसलों के लिए यूरिया और डीएपी की किल्लत न हो, इसके लिए कृषि विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पिछले दिनों इगलास क्षेत्र में डीएपी को लेकर हुए हंगामे के बाद सक्रियता और बढ़ गई है। डीएपी और यूरिया की रैक नियमित पहुंच रही हैं। शुक्रवार को तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंची है। डीएपी की रैक आने से किसानों ने राहत की सांस ली है। जिले में अब चार हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। यूरिया भी 25,553 मीट्रिक टन उपलब्ध है। कृषि अफसरों ने किसानों को जरूरत के अनुसार ही खेती में उवर्रकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ज्यादा उवर्रक के इस्तेमाल से जमीन के बंजर होने की नसीहत भी दी है।

जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश ने बताया कि जिले में यूरिया और डीएपी उर्वरक की कोई कमी नहीं हैं। सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। 4000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। 25,553 मीट्रिक टन यूरिया इस फसली सीजन के लिए आ चुका है। शुक्रवार को 3600 मीट्रिक टन एनपीके की भी रैक लगी है। 23 अक्टूबर को 2200 मीट्रिक टन कृभको डीएपी, 25 अक्टूबर को 800 मीट्रिक टन आइपीएल की डीएपी और 500 मीट्रिक टन आइपीएल का एनपीके, 27 अक्टूबर को 1350 मीट्रिक टन एनपीके और 29 को 800 मीट्रिक टन आइपीएल की डीएपी उपलब्ध हो जाएगी। बिक्री केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कमी मिलने पर कारण बताओ नोटिस और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि किसानों का अनुपयोगी उर्वरक जबरन तो बेचा नहीं जा रहा है या फिर निर्धारित से अधिक मूल्य पर तो नहीं वसूला जा रहा हो। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी हालत में किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

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