अलीगढ़ में महिला न्यायिक अधिकारी को भेजता था अश्लील ई-मेल, आरोपी अधिवक्ता को नहीं मिली जमानत
अलीगढ़ में महिला न्यायिक अधिकारी को अश्लील और आपत्तिजनक ई-मेल भेजने के आरोपी अधिवक्ता विनोद बाबू की जमानत अर्जी कोर्ट ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
महिला न्यायिक अधिकारी को अश्लील ईमेल भेजने का आरोप।
कोर्ट ने माना लिंग आधारित उत्पीड़न का मामला।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। महिला न्यायिक अधिकारी को अश्लील और आपत्तिजनक ई-मेल भेजने के आरोपित अधिवक्ता विनोद बाबू की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक ने रद कर दी है। 30 अक्टूबर को पारित आदेश में अदालत ने कहा कि यह न्यायिक अधिकारी को लिंग के आधार पर परेशान करने का मामला है।
विवेचना जारी होने के कारण इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ और वादिनी को दोबारा परेशान किए जाने की आशंका है। सराय काबा, हनुमान नगर निवासी विनोद बाबू के खिलाफ आठ अक्टूबर को सिविल लाइंस थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। आरोप है कि वह कई माह से महिला न्यायिक अधिकारी को आपत्तिजनक ई-मेल भेज रहा था। फोन और वाट्सएप के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की गई।
शिकायत के मुताबिक, ई-मेल में वादिनी और उनके परिवार की निजी जानकारियों का उल्लेख करने के साथ अश्लील टिप्पणियां की गई थीं। स्वजन की तस्वीरें भेजकर उनके ब्लूटूथ से मिलने का दावा भी किया गया था। अभियोजन ने अदालत में ई-मेल और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य पेश किए।
सरकारी अधिवक्ता ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपित साक्ष्यों से छेड़छाड़ व पीड़ित को परेशान कर सकता है। बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आरोपित का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और पुलिस आवश्यक बरामदगी कर चुकी है।