हाथरस, जेएनएन। एडेड स्कूलों में कक्षा 8 तक पढ़ने वाले बच्चों से फीस न लिए जाने का प्रावधान है, लेकिन इसके बाद भी कुछ ऐसे स्कूल है जो की बच्चों से जबरन फीस ले रहे हैं । पिछले दिनों कुछ अभिवावक एकत्रित होकर बीएसए के पास पहुंचे और शिकायत की।  बीएसए ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सख्त आदेश जारी किए है।

शासन से उपलब्‍ध करायी जाती है ग्रांट

जिले में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा परिषद से अशासकीय सहायता प्राप्त करीब तीन दर्जन विद्यालय कक्षा एक से आठ तक के है। इन विद्यालयों को शासन की ओर से ग्रांट उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों को निश्‍शुल्क शिक्षा दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन इसके बाद भी स्कूल संचालक बच्चों से जबरन फीस लेते हे। फीस न देने पर नाम काट देने की धमकी तक संचालकों द्वारा दी जाती है। जबरन फीस लेने की शिकायतें पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहीन के पास तक पहुंची। बीएसए ने स्कूल संचालकों को निर्देश जारी किए कि यदि किसी भी स्कूल द्वारा बच्चो से फीस लिए जाने की शिकायत मिलती है तो विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। आरटीई के तहत भी गरीब बच्चों को एक व प्री प्राइमरी क्लास में दाखिले दिलाए जाते है। तीन चरण में करीब 15 सौ बच्चों को लाटरी सिस्टम के जरिए दाखिले दिलाए गए। निश्‍शुल्क दाखिले का प्रावधान है, लेकिन फिर भी कुछ निजी स्कूल द्वारा अभिवावको से बेवजह फीस ली जा रही है। एडमिशन फॉर्म, आई कार्ड आदि के नाम पर फीस ली जा रही है।

Edited By: Anil Kushwaha