जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : अवैध निर्माण के खिलाफ अलीगढ़ विकास प्राधिकरण का अभियान जारी है। गुरुवार को क्वार्सी थाना क्षेत्र में आठ और अवैध भवनों को सील कर दिया गया। भवन मालिकों ने नियमों के खिलाफ बिना नक्शा पास कराए यह निर्माण किए थे। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर गुरुवार को एडीए की टीम क्वार्सी थाना क्षेत्र में पटवारी नगला स्थित एन्क्लेब कालोनी में पहुंची। यहां पर डा. मिनहाल द्वारा 300 वर्ग गज क्षेत्रफल में बिना मानचित्र पास कराए भूतल व दो मंजिला भवन का निर्माण किया था। इसे सील कर दिया गया। इसके बाद टीम मंजूरगढ़ी बरौली बाईपास पर पहुंची। यहां पर इस्लाम द्वारा 300 वर्ग गज क्षेत्रफल में बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही बेसमेंट व भूतल के निर्माण को सील किया गया। यहां से टीम मोनार्क अपार्टमेंट के सामने टीचर्स कालोनी में पहुंची। यहां पर बिना नक्शे 250 वर्ग गज क्षेत्रफल में बनी तीन दुकानों को सील कर दिया गया। यहां से टीम क्वार्सी बाईपास पर आदिसा मस्जिद के सामने पहुंची। यहां पर 250 वर्ग गज क्षेत्रफल में इक्तजार खां के बिना नक्शे किए गए एक मंजिला भवन को सील कर दिया गया। टीम इसी क्षेत्र के आतिक अहमद के निर्माण पर पहुंची। यहां पर 400 वर्ग गज क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण को सील कर दिया गया। इसके बाद रामघाट कल्याण मार्ग पर तालसपुर में 500 वर्ग गज क्षेत्र में प्रिस वाष्र्णेय द्वारा बनाए गए नौ अलग-अलग फ्लैट को सील कर दिया गया। टीम ने पीएसी के निकट गौरव चौधरी द्वारा देवसैनी में किए गए निर्माण पर पहुंची। यहां पर 600 वर्ग गज क्षेत्र में बिना नक्शा पास बनाए गए चार अलग-अलग निर्माणों को सील कर दिया गया। सबसे अंत में टीम ने अवंतिका फेस 1 में 300 वर्ग गज क्षेत्र में बिना नक्शा किए गए अवैध निर्माण पर पहुंची। यहां निर्माण को सील कर दिया गया। इस मौके पर सहायक अभियंता केदारराम, मनोज शर्मा, डीएन वर्मा, श्यामवीर सिंह मौजूद रहे।

चार साल से लगी हुई है सील

प्राधिकरण के अफसर भले ही सीलिग की कार्रवाई में लगे हुए हैं, लेकिन तमाम लोग भवन सील होने के बाद भी अवैध निर्माणों का शमन नहीं कराते हैं। क्वार्सी थाना क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर में गैलेक्सी अपार्टमेंट का भी यही हाल है। यहां पर आठ मई 2017 को नक्शे के खिलाफ हुए निर्माण को सील कर दिया था। मो. फातमी ने यह निर्माण किया था, लेकिन तब से अब तक यह सील यू हीं लगी हुई है। न तो अपार्टमेंट स्वामी ने ही सील खुलवाने के लिए कोई प्रक्रिया अपनाई और न ही प्राधिकरण ने आगे की कोई कार्रवाई की।

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