एक्टर चंद्रचूड़ सिंह की संपत्ति विवाद में नया मोड़, अलीगढ़ में 56 एकड़ जमीन और हवेली की खरीद-बिक्री पर रोक
अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के परिवार में पैतृक हवेली और 56 एकड़ जमीन को लेकर चल रहा संपत्ति विवाद गहरा गया है।

अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह।
HighLights
अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के परिवार में संपत्ति विवाद जारी।
एसडीएम कोल ने विवादित संपत्ति की खरीद-फरोख्त रोकी।
पैतृक हवेली और 56 एकड़ जमीन को लेकर है मामला।
मनोज जादौन, अलीगढ़। 'चप्पा-चप्पा चरखा चले' गीत वाली फिल्म 'माचिस' और 'दाग द फायर' के अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के परिवार में चल रहा संपत्ति विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पैतृक हवेली और उससे सटी 56 एकड़ जमीन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में नया मोड़ आया है। एसडीएम कोल की अदालत ने विवादित संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।
अभिनेता के भाई फिल्म निर्माता-निर्देशक अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि दोनों भाई फिल्मी दुनिया में व्यस्त रहे, इसी दौरान उनके चाचा गंगा सिंह ने धोखे से पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर लिया। विवाद करीब 10 एकड़ में फैली पैतृक हवेली और उससे लगी जमीन के मालिकाना हक को लेकर है।
चंद्रचूड़ सिंह ने 16 फरवरी 2026 को कोल तहसीलदार न्यायालय में अपील दाखिल कर चचेरे भाई जय सिंह के नाम की वसीयत निरस्त करने की मांग की थी। बताया था कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह ने वर्ष 1995 में पंजीकृत वसीयत कर संपत्ति तीनों पुत्रों में बराबर बांटी थी।
दादा की मृत्यु से एक दिन पहले 30 जनवरी 1997 को दूसरी वसीयत तैयार कर संपत्ति गंगा सिंह के बेटे जय सिंह के नाम कर दी गई। दूसरे पक्ष का दावा है कि अंतिम वसीयत ही मान्य है।

फाइल फोटो।
परिजनों ने धोखाधड़ी का कराया था केस
अभिमन्यु सिंह ने 14 अगस्त 2026 को रोरावर थाने में चाची गायत्री देवी, चचेरे भाई जय सिंह, वसीयत के गवाहों और अधिवक्ता समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गायत्री देवी ने मुकदमे और पुलिस कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने 12 सितंबर को आरोपितों को अंतरिम गिरफ्तारी राहत दी। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित है। तहसीलदार न्यायालय ने 28 सितंबर को अभिनेता पक्ष की अपील खारिज कर दी थी।
इसके बाद अक्टूबर में एसडीएम कोल की अदालत में अपील दाखिल की गई। चंद्रचूड़ सिंह के अधिवक्ता चतर सिंह ने अक्टूबर में एक अपील एसडीएम कोल डॉ. गजेंद्र पाल सिंह की कोर्ट में दाखिल की। अधिवक्ता चतर सिंह व अभिनेता के पीआरओ राहुल पाराशर ने बताया है कि एसडीएम कोर्ट ने इस संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। इसकी एसडीएम ने पुष्टि की है।
