कौन हैं अलीगढ़ के नए कमिश्नर IAS ओम प्रकाश आर्य? पद संभालते ही दिखाए सख्त तेवर, बोले- काम अटका तो अफसरों पर कार्रवाई
अलीगढ़ मंडल को नए मंडलायुक्त ओमप्रकाश आर्य मिल गए हैं, जिन्होंने कार्यभार संभालते ही विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और ...और पढ़ें

ओमप्रकाश आर्य ने संभाली अलीगढ़ मंडल की कमान।
HighLights
ओमप्रकाश आर्य ने अलीगढ़ मंडल के नए मंडलायुक्त का कार्यभार संभाला।
विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर दिया जोर।
अधिकारियों को काम में लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मंडल को मंगलवार को नया मंडलायुक्त मिल गया। वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने मंडलायुक्त पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद कमिश्नरी सभागार में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं।
विकास योजनाओं को समय पर पूरा कराने, गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही उन्होंने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि काम में अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नवागत मंडलायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास योजनाओं को सिर्फ कागजों पर पूरा करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक व स्थायी लाभ आमजन तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाई जाएगी।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को पहले अपनी कार्यप्रणाली सुधारने का अवसर व चेतावनी दी जाएगी, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बोले कि समयबद्धता व गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ओमप्रकाश आर्य ने उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद में करीब छह वर्ष तक सेवाएं दी हैं। ऐसे में राजस्व परिषद से जारी निर्देशों व निर्णयों के जिला व तहसील स्तर पर अनुपालन को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता
मंडलायुक्त ने कहा कि शासन के निर्देशों का सही समय पर और प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। वह दो जिलों में डीएम व दो अन्य जिलों में सीडीओ के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा लखनऊ, मेरठ, नोएडा व मथुरा में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दी हैं। इस मौके पर अपर आयुक्त अरुण कुमार, अपर आयुक्त अखिलेश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
जलभराव और यातायात भी एजेंडे में
पत्रकारों से बातचीत में अलीगढ़ शहर की जलभराव की समस्या, यातायात व्यवस्था, पर्यटन विकास, रोजगार की संभावनाओं और बड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुधारने और क्वार्सी रजवाहे को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में जानकारी ली। बड़ी परियोजनाओं के निर्माण के बाद उनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता व निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई।
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संगीता सिंह को भावुक विदाई
मंडलायुक्त रहीं संगीता सिंह को मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में भावभीनी विदाई दी गई। अधिकारियों-कर्मचारियों व कमिश्नरी बार एसोसिएशन की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। अपने एक वर्ष सात माह के कार्यकाल को याद करते हुए संगीता सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ से वह केवल स्थानांतरण होकर नहीं जा रहीं, बल्कि यहां की कई यादें और आत्मीय रिश्ते अपने साथ लेकर जा रही हैं।
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अलीगढ़ की यादें लेकर मुरादाबाद रवाना
विदाई के दौरान संगीता सिंह ने अपने निजी स्टाफ पेशकार अरुण कुमार, वैयक्तिक सहायक विकास गंगल व अर्दली जसवंत व प्रदीप के योगदान को भी याद किया। समारोह के बाद वह मुरादाबाद मंडल की नई जिम्मेदारी संभालने के लिए रवाना हो गईं। जाते समय सूचना फोटोग्राफर विकास भारद्वाज से आत्मीय अंदाज में उनका कहना गुरुजी, अब चलते हैं। विदाई के भावुक माहौल में खास स्मृति बन गया।
