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68,500 शिक्षक भर्ती: मंत्री संदीप सिंह के घर पहुंचकर प्रदर्शन, आरक्षण विसंगतियों और संशोधित परिणाम की मांग

Published: Sat, 19 Sep 2026 02:27 PM (IST)

अभ्यर्थियों ने 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगतियों को लेकर अलीगढ़ में मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन ...और पढ़ें

HighLights

  1. 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

  2. मंत्री संदीप सिंह के आवास पर संशोधित परिणाम की मांग की

  3. ओबीसी, दिव्यांग समेत आरक्षित वर्ग को नियुक्ति देने की अपील

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण की विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। शनिवार को अभ्यर्थियों ने मैरिस रोड स्थित बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं। अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुसार संशोधित परिणाम जारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बैनर में अभ्यर्थियों ने ओबीसी और दिव्यांग आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा उठाया। उनकी प्रमुख मांग है कि 68,500 शिक्षक भर्ती परीक्षा में ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी के अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी का लाभ दिया जाए।

अभ्यर्थियों ने 150 पूर्णांक में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर नियुक्ति देने की मांग की

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प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी।

अभ्यर्थियों ने 150 में 60 अंक पर संशोधित परिणाम जारी करने की उठाई आवाज

अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों व संस्तुतियों के अनुसार मामले का निस्तारण किया जाना चाहिए। साथ ही आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की गई है।

ओबीसी, दिव्यांग समेत आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग


गौरतलब है कि 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इसमें माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में अभ्यर्थियों ने संशोधित परिणाम और नियुक्ति की मांग रखी थी। मंत्री ने मामले में मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया था।

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आंदोलन की चेतावनी

अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों से मामला लंबित है। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आरक्षण संबंधी मांगों पर निर्णय लेकर संशोधित परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं बढ़ाई जाती। राज्य स्तर पर भी अभ्यर्थी इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

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