राज नारायण सिंह, अलीगढ़।  शहर के लोगों को नए साल में हाई-वे से दिल्ली पहुंचना और आसान हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) इसे सिक्सलेन करने जा रहा है। दिसंबर में काम भी शुरू हो जाएगा। हाई-वे के किनारे आ रहे मकान और दुकान स्वामियों को नोटिस दिए हंै। जल्द ही गभाना क्षेत्र में कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

पहले फोर लेन किया गया

गाजियाबाद से अलीगढ़ के बौनेर तक हाई-वे की दूरी करीब 145 किमी है। इसका निर्माण करीब पांच वर्ष पूर्व हुआ था। उस समय ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए हाई-वे को फोरलेन किया गया था। हालांकि, जमीन का अधिग्रहण सिक्सलेन के हिसाब से किया गया था, जिससे भविष्य में हाई-वे को चौड़ा करने में दिक्कत न हो। हाई-वे का निर्माण गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने पांच वर्ष पहले किया था। निर्माण के समय यह शर्त थी कि इसे 12 वर्ष के अंदर सिक्सलेन किया जाना है।

दिसंबर में शुरू हो जाएगा काम

दिल्ली हाई-वे पर सिक्सलेन के लिए दिसंबर में काम शुरू हो जाएगा। जमीन के चिह्नांकन का काम हो गया है। चूंकि पहले से सिक्सलेन के हिसाब से जमीन अधिग्रहण की गई है, इसलिए एनएचआइ को बहुत अधिक दिक्कत नहीं होगी। वर्ष 2020 में फरवरी तक इसका निर्माण कार्य पूरा होना है।

जल्द चलेगा अभियान 

दिल्ली हाई-वे पर गभाना से अलीगढ़ बाइपास तक जल्द ही अतिक्रमण अभियान चलेगा। एनएचएआइ ने अतिक्रमण की जद में आने वाले होटल, ढाबा, मकान, दुकान आदि स्वामियों को नोटिस दे दिया है। गभाना क्षेत्र में भांकरी, भरतरी, पचपेड़ा, बीधानागर, पला सल्लू आदि गांवों में अतिक्रमण की जद में कई प्रतिष्ठान और मकान आ रहे हैं।

बौनेरे तक नहीं है दिक्कत

महरावल के पास से खेरेश्वरधाम की ओर मुड़ रहे हाई-वे (बाइपास) तक सिक्सलेन करने में दिक्कत नहीं आएगी। क्योंकि यहां पहले से सिक्सलेन के लिए जगह छूटी है। साथ ही आबादी भी हाई-वे से दूर है, इसलिए अतिक्रमण नहीं है। इसी प्रकार खेरेश्वरधाम चौराहे से बौनेर तक भी अतिक्रमण नहीं हैै। 

पेड़ों पर भी चलेगी आरी

दिल्ली हाई-वे के सिक्सलेन किए जाने पर पेड़ों पर भी आरी चलेगी। एनएचएआइ और वन विभाग की ओर से रोपे गए पौधे काटे जाएंगे। इससे हरियाली पर आरी चलना तय है।   एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक पीपी सिंह का कहना है कि दिल्ली हाई-वे के सिक्सलेन की अनुमति मिल गई है। दिसंबर में इसपर कार्य शुरू होने की संभावना है। चूंकि सिक्सलेन के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण किया था, इसलिए निर्माण कार्य में अधिक दिक्कत नहीं आएगी।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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