आगरा, जेएनएन। जूनियर इंजीनियर हत्‍याकांड का खुलासा जल्‍द होने की संभावना देखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अहम सुराग हाथ लगे हैं। संभवत: मंगलवार तक हत्‍याकांड का खुलासा पुलिस कर दे। उधर उत्‍तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने मृतक अभियंता की पत्‍नी पिंकी देवी को नौकरी देने का आश्‍वसन दिया है।  

सोमवार को मृतक जेई के परिजन आगरा के गांव नैनाना ब्राह्मण से मथुरा पहुंचे। यहां बिजली विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। अ‍धीक्षण अभियंता ने मृतक की पत्‍नी को नौकरी देने का भरोसा दिया। 72 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी हत्‍याकांड का खुलासा न होने से आक्रोशित कर्मचारियों ने सोमवार को भी कार्य बहिष्‍कार किया। इस संदर्भ में कर्मचारी शाम को कैंडिल मार्च भी निकालेंगे। वहीं पुलिस अहम सुराग हाथ लगने का दावा कर रही है। जूनियर इंजीनियर प्रदीप हत्याकांड मामले में रविवार देर रात चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली। माना जा रहा है कि जल्द ही मामले का पर्दाफाश होगा। हत्याकांड को 72 घंटे बीत चुके हैं। इसके रहस्य से पर्दा उठाने के लिए तीन पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में पुलिस की 15 टीमें लगी हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी मैदान में उतार दिया गया है। साथ ही करीब 31 लोगों से अब तक पूछताछ की जा चुकी है।

अबतक हुआ घटनाक्रम

बिजली विभाग के पानी गांव फीडर पर तैनात जूनियर इंजीनियर प्रदीप कुमार की गुरुवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसपी सुरक्षा ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा और एसपी क्राइम राधेश्याम राय की अगुवाई में अभी तक दस टीमें लगी थीं, लेकिन रविवार को पांच टीमें और बढ़ा दी गईं। इनमें चार टीमें आगरा की हैं। एसटीएफ को भी मैदान में उतार दिया गया है। स्पेशल टॉस्क फोर्स की टीम ने घटनास्थल का मौका मुआयना करने के बाद अपनी तहकीकात शुरू कर दी है। तीनों ही अधिकारी थाना जमुनापार में कैंप किए हुए हैं। फील्ड में वर्क कर रही पुलिस टीमों से पल-पल की जानकारी हासिल कर रहे हैं। देर रात को चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस पर्दाफाश के नजदीक पहुंच चुकी है। एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि अभी तक हत्याकांड में पुलिस की टीमें लूट, रंजिश समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। 31 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। बिजली विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

विशंभरा में बन रहे डबल बैरल हथियार

जूनियर इंजीनियर हत्याकांड में पुलिस को शक है कि गोलियां डबल बैरल के तमंचा से मारी गई है। पुलिस ने अब अवैध हथियार बनाने वालों को भी निशाने पर ले लिया है। अब तक की जांच में गांव हाथिया, विशंभरा और उटावर को चिह्नित किया गया है। इन गांवों में पूर्व में अवैध हथियारों के कारखाने संचालित करने के मामले में पकड़े गए लोगों की तलाश शुरू कर दी है। थाना बरसाना के गांव हाथिया, शेरगढ़ के विशंभरा और कोसीकलां के गांव उटावड़ ने कई बार अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां पकड़ी हैं। करीब पांच साल पहले तत्कालीन एसपी देहात शगुन गौतम ने दो सैकड़ा से अधिक हथियार गांव उटावड़ से बरामद किए थे, जबकि हाथिया में आधा दर्जन फैक्ट्री भी पकड़ी गई थी। इसके बाद एसएसपी मंजिल सैनी ने भी इन गांवों में तलाशी कराई और बड़ी मात्र में अवैध हथियार पकड़े गए थे। जेई हत्याकांड के बाद अवैध हथियारों के सौदागरों के पीछे लगी पुलिस को यह जानकारी हाथ लगी है कि डबल बैरल के हथियार थाना शेरगढ़ के विशंभरा गांव में बनाए जा रहे हैं। पुलिस की एक टीम ने हथियारों के सौदागरों की तलाश में लग गई है। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि इस दिशा में भी काम किया जा रहा है और विशंभरा में डबल बैरल के हथियार के बनाए जाने की जानकारी मिली है। उनकी तलाश के लिए भी पुलिस टीम को लगाया गया है।

 

Posted By: Tanu Gupta

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