आगरा, जागरण संवाददाता। गेहूं खरीद केंद्र संचालकों की मनमानी और संबंधित अधिकारियों की अनेदखी का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर ट्राली में भरा गेहूं रखा है, नंबर मिलने के बाद भी खरीद नहीं हो रही है। कुछ केंद्रों पर वारदाना नहीं होने की बात कह किसानों को बैरंग किया जा रहा है। रोज मौसम बिगड़ रहा है और बारिश भी आने से किसानों को अपनी मेहनत की फसल पर संकट मंडराता दिख रहा है। साथ ही कोरोना संक्रमण काल में किसान रोज भटकने को मजबूर हैं।

मलिकपुर के किसान रतन सिंह ने बताया कि सहकारी समिति अछनेरा पर गेहूं बेचने गए थे। समिति द्वारा पांच मई का टोकन दिया गया था, लेकिन गेहूं की खरीद आज तक नहीं हुई है। किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उनको 15 मई काे टोकन दिया गया था, लेकिन उनका गेहूं ट्राली में भरा खड़ा है। बारिश से बचाने को त्रिपाल से गेहूं काे ढक दिया गया है। केंद्र संचालक कहते हैं कि उनके यहां से उठान नहीं हुआ है। ऐसे में वे अतिरक्त खरीद नहीं कर सकते हैं। किसान उदयवीर ने बताया कि फतेहपुर सीकरी में उनसे वारदाना नहीं होने की बात कह लौटा दिया गया। दिगरौता केंद्र पर से भी किसानों को वारदाना नहीं होने की बात कह बैरंग किया जा रहा है। ऐसे में किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शुरुआत में पंजीकरण के नाम पर अटकाया जा रहा था, लेकिन अब खरीद ही नहीं की जा रही है। संक्रमण काल में किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने बताया कि जिलाधिकारी को आनलाइन शिकायत भेजी गई है। अगर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। 

Edited By: Tanu Gupta