आगरा, जागरण संवाददाता। पश्चिमी विक्षोभ से तेज हवा चलने के साथ 20 फरवरी से बदल जाएगा। 20 से 22 फरवरी के बीच बारिश हो सकती है। मौसम का मिजाज बदलने से तापमान में गिरावट आएगी।

10 दिन से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, अधिकतम तापमान 28 डिग्री को पार कर चुका है। वहीं, न्यूनतम तापमान 14 से अधिक दर्ज किया जा चुका है। इससे गर्मी का अहसास होने लगा है, ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का मिजाज बदलने की आशंका है। डीईआइ के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. रंजीत कुमार ने बताया कि 20 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। बादल छाने के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, पांच से सात मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस तरह का मौसम 22 फरवरी तक रहने की आशंका है। इसके बाद बादल छट जाएंगे और तेज धूप निकलेगी।

अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। तापमान 28 डिग्री को पार कर चुका है। पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से अधिकतम आद्र्रता 80 से 100 फीसद के बीच दर्ज की जा चुकी है। इससे बारिश के लिए बादल तैयार होने लगे हैं।

सोमवार सुबह सर्द हवा चली, 10 बजे के बाद धूप तेज होती गई। दोपहर 12 बजे के बाद तों पसीना आने लगा, लोगों को गर्म कपड़े उतारने पड़े। वहीं रविवार रात को सर्द हवा चली, इससे अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 27.8 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम आद्र्रता 79 फीसद दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 10.1 डिग्री दर्ज किया गया।

ताजनगरी में मध्यम स्थिति में रही वायु गुणवत्ता

ताजनगरी में रविवार को वायु गुणवत्ता मध्यम स्थिति में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 131 दर्ज किया गया। यह शनिवार के 80 से अधिक था। संजय प्लेस स्थित ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग स्टेशन के अनुसार आगरा में रविवार को एक्यूआइ 131 रहा। सीपीसीबी की गाइडलाइन के अनुसार वायु गुणवत्ता की यह मध्यम स्थिति है। गाइडलाइन के अनुसार वायु गुणवत्ता एक्यूआइ 0-50 तक रहने पर अच्छी, 51-100 तक रहने पर संतोषजनक और 101-200 तक रहने पर मध्यम रहती है। शनिवार को एक्यूआइ संतोषजनक स्थिति में रहा।

यहां कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकतम मात्र 130 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज की गई। यह मानक चार माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के 32 गुना से अधिक रही। अति सूक्ष्म कणों की अधिकतम मात्र 301 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही। जो मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के पांच गुना से अधिक थी।

बारिश हुई तो ये रास्‍ते बन जाएंगे दलदल

सीवर लाइन डालने के बाद शहर में कई जगहों पर खोदाई के बाद गलियों और सड़कों को बिना मरम्मत के ही छोड़ दिया। इससे हादसे की संभावना बनी हुई है। हाल ही में मौसम विभाग ने 20 फरवरी से बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में बदहाल गलियां और सड़कें मुसीबत बन सकती हैं। यहां जलभराव से कीचड़ हो जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं ने सीवर लाइन डालने के बाद ठीक से मिट्टी भी नहीं भरी है। इससे गली या सड़क धंसने की भी आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार के कर्मचारियों से गली बनाने के लिए कहा भी था लेकिन वह टाल कर चले गए।

- जगदीशपुरा क्षेत्र में बैनारा फैक्ट्री के पीछे कई गलियां खोद दी हैं। लगभग एक महीने से इनकी मरम्मत नहीं की गई।

- प्रतापपुरा में सीवर लाइन डालने के लिए पूरी गली खोदी गई थी। अभी भी ये ऐसी ही है।

- बालाजीपुरम, अलबतिया रोड की 200 मीटर लंबी गली बदहाल हो गई है। खोदाई के बाद बनाया नहीं गया।

- गढ़ी भदौरिया में सीवर लाइन की खोदाई के बाद गली की मरम्मत नहीं की गई।

- पश्चिमपुरी क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। पूरे क्षेत्र में सड़कें खुदी पड़ी हैं।

 

Posted By: Tanu Gupta

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