आगरा, जागरण संवाददाता। पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमित हुए शिक्षक व कर्मचारियों के सत्यापन की कार्रवाई जिला स्तर से पूरी हो चुकी हैं। शासन स्तर से मांगी गई चार शिक्षकों की सूचना पर बेसिक शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों के स्वजन की जानकारी और एक शिक्षिका के प्रार्थना पत्र के आधार पर उनकी रिपोर्ट सत्यापित करके भेज दी है।

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के कोरोना संक्रमित होकर मौत होने की शिकायत प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन से की थी, उस सूची में शामिल जिले के चार शिक्षकों के नाम की सत्यापन रिपोर्ट शासन ने तलब की थी। इनमें से कासगंज से पारस्परिक स्थानांतरण पर आयीं शिक्षिका रूपा अग्रवाल ने विभाग में खुद के कोविड संक्रमित होने का प्रार्थना पत्र दिया था। वहीं इंचार्ज प्रधानाध्यापक देवरौठा प्रताप सिंह व ब्लाक व्यायाम शिक्षक सैंया मंसूर आलम खान के स्वजन से मिले साक्ष्यों के आधार पर उनकी कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

बर्खास्त हो गई थी मृतक शिक्षिका

वहीं सूची में चौथा नाम बिचपुरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय नगला हट्टी की सहायक अध्यापक पूनम शाक्य का था। लेकिन जांच में पता चला कि उनका नाम एसआइटी सूची में फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल था। इसलिए विभाग उन्हें पिछले दिनों ही बर्खास्त कर चुका है। इसलिए उनकी रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई क्योंकि अब वह विभाग में कार्यरत नहीं।

शिक्षक संघ ने सौंपी एक और सूची

बीएसए को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने 21 शिक्षकों की एक सूची भी सौंपी थी, जिनमें उक्त चार शिक्षकों के अलावा संक्रमण से मरने वाले अन्य शिक्षकों के नाम भी थे। उस पर बीएसए का कहना है कि शासन ने फिलहाल जो सूचना मांगी गई थी, वही भेजी गई है। दूसरी सूची भी शासन को भेजी जा रही है, लेकिन फैसला शासन स्तर से ही लिया जाएगा।