आगरा, जागरण संवाददाता। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने रिवर एक्शन प्लान बनाया है। इसके तहत ताजनगरी में यमुना पोल्यूशन कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यह कमिश्नर के पर्यवेक्षण में काम करेगा। उल्लेखनीय है कि यूपीपीसीबी ने नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एयर एक्शन प्लान बनाया है। इसके बाद अब यमुना की स्थिति में सुधार को रिवर एक्शन प्लान बनाया गया है।

एनजीटी ने 20 सितंबर, 2018 को एक आदेश दिया था। उसके आधार पर यूपीपीसीबी ने प्रदेश की 12 नदियों के प्रदूषित क्षेत्र में सफाई के लिए रिवर एक्शन प्लान बनाया है। यमुना के गौतमबुद्ध नगर के असगरपुर से इटावा और शाहपुर से बलुआ घाट प्रयागराज तक के क्षेत्र को सफाई के लिए पहले चरण में चुना है। असगरपुर से इटावा के यमुना के क्षेत्र में आगरा भी शामिल है। यमुना की स्थिति में सुधार की मांग लंबे समय से शहरवासी उठाते रहे हैं। हालांकि इसको लेकर सार्थक पहल अभी तक नहीं हुई है। अब शहर में रिवर एक्शन प्लान के तहत विभिन्न प्रदूषणकारी तत्वों की निगरानी के लिए यमुना पोल्यूशन कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसका संचालन यूपीपीसीबी द्वारा जिला पर्यावरण समिति के सहयोग से किया जाएगा। कंट्रोल रूम अत्याधिुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। ताकि डाटा एकत्रीकरण, मॉनीटरिंग आदि काम किए जा सकें।

यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि रिवर एक्शन प्लान में कई प्लानों का समावेश है। प्रदेश में त्रिस्तरीय मॉनीटरिंग के तहत जिला स्तर, कमिश्नर स्तर और शासन स्तर पर मॉनीटरिंग होगी। हर माह मुख्य सचिव समीक्षा करेंगे।

इनके लिए दिए गए हैं सुझाव

  • सीवेज मैनेजमेंट
  • इंडस्टियल वेस्ट मैनेजमेंट
  • सोलिड वेस्ट एंड फ्लड प्लेन जोन मैनेजमेंट
  • इकोलॉजिकल फ्लो एंड ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट 

Posted By: Prateek Gupta

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