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मैडम समझौता करा दो या पीछा छुड़वा दो, UP राज्य महिला आयोग अध्यक्ष से बोली पत्नी

By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
Published: Sat, 31 Oct 2026 09:29 AM (IST)

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान की जनसुनवाई में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं ने मुकदमेबाजी के बजाय ...और पढ़ें

पीड़ित परिवार की व्यथा सुनतीं राज्य महिला आयोग अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान।

पीड़ित परिवार की व्यथा सुनतीं राज्य महिला आयोग अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान।

HighLights

  1. महिलाओं ने मुकदमेबाजी के बजाय समझौते की मांग की।

  2. राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने 44 मामलों का निस्तारण किया।

जागरण संवाददाता, आगरा। मैडम हमारा समझौता करा दो या पीछा छुड़वा दो, मुकदमे नहीं कराना है। तारीखों पर जाने से अच्छा है कि खुद काे नए सिरे से स्थापित करें। शुक्रवार को नवीन सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. बबीता चौहान द्वारा जनसुनवाई के दौरान पहुंची घरेलू हिंसा से पीड़ित अधिकांश पीड़िताओं का कहना यही कहना था।

किसी को सात फेरे लिए चार महीने ही हुए थे ताे किसी की शादी को 18 वर्ष हो चुके थे। पीड़ित महिलाओं की सोच में यह नया बदलाव देखने को मिला, वह मुकदमा कराना नहीं चाहतीं। पति से सम्मान के साथ समझौता या बात नहीं बनने पर हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करना चाहती हैं।

नवीन सर्किट हाउस में शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. बबीता सिंह चौहान ने जनसुनवाई में आए 44 प्रार्थना पत्रों को निस्तारण किया।के साथ ही महिला उत्पीड़न तथा सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। जनसुनवाई में सर्वाधिक मामले घरेलू हिंसा या दहेज उत्पीड़न के थे।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आयोग को प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता एवं गंभीरता से सुनने एवं अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने को कहा।

अभिभावकों से बेटियों की सुरक्षा एवं भावनाओं को प्राथमिकता देने और प्रताड़ना की स्थिति में सामाजिक दबाव में उन्हें दोबारा ससुराल भेजने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत रिश्ते की सजा किसी बेटी को पूरी जिंदगी नहीं भुगतनी चाहिए। विवाह से पूर्व युवक-युवतियों एवं उनके अभिभावकों की काउंसलिंग पर जोर देते हुए आपसी समझ, संवाद और पारिवारिक सामंजस्य को आवश्यक बताया।

जनसुनवाई में एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसीपी सुनीता चौहान, डिप्टी सीएमओ डा.. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला कौशल प्रबंधक अमित धाकरे, सहायक श्रमायुक्त शगुन मौजूद रहे।

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