आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार ने उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। स्थिति यह है कि परीक्षा विभाग कर्मचारी और कई अधिकारी संक्रमित होने के बाद से होम आइसोलेट हैं। वहीं बोर्ड से भी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिलने से तैयारियां फिलहाल ठंडे बस्ते में हैं।

पहले पंचायत चुनाव और फिर कोरोना संक्रमण, फरवरी में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा खिसकते-खिसकते आठ मई तक आ गई। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के कारण 20 मई तक उसके आयोजन पर जो ब्रेक लगा है, वह जून से पहले हटता नहीं दिख रहा। वर्तमान स्थिति यह है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह के बाद से शिक्षा विभाग को शासन से इसको लेकर कोई नया दिशा-निर्देश नहीं मिला, क्योंकि बोर्ड कार्यालय में दर्जन भर से अधिक अधिकारी-कर्मचारी संक्रमित हो गए थे। फिलहाल जून के पहले हफ्ते में होने वाली बैठक के बाद ही इस तैयारी के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

एक लाख 20 हजार विद्यार्थी देंगे परीक्षा

जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए एक लाख 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनके लिए बोर्ड ने 156 परीक्षा केंद्र बनाएं हैं। लेकिन विभाग अब तक न तो परीक्षकों की ड्यूटी लगा पाया है, न ही केंद्रों पर आवंटित विद्यार्थियों के हिसाब से पर्याप्त सुविधाएं ही उपलब्ध करा पाया है। ऐसे में परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद भी विभाग को तैयारियों के लिए कम से कम 15 से 20 दिन का समय चाहिए होगा।

बढ़ानी पड़ेगी केंद्रों की संख्या

नकल विहीन परीक्षा के लिए शासन ने हाथ खींचकर जिले में कुल 156 केंद्र बनाएं। लाजमी है तमाम केंद्रों को क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का आवंटन करना पड़ा। अब जब शारीरिक दूरी का नियम सख्ती से अमल में लाया जाएगा, तो परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा, ऐसा हुआ, तो केंद्र निर्धारण प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी, जो कम से कम 20 दिन लेगी।

 

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