आगरा, अली अब्बास। गणतंत्र दिवस पर वोट मांगने गांव पहुंचे प्रत्याशियों के सामने अजब स्थिति पैदा हो गई। पूरे गांव के लोगों ने प्रत्याशियों के सामने शर्त रख दी। उनसे कहा कि दिन से लापता उनके बच्चे को खोजने में मदद करो। पहले उसे ढूंढकर लाओ, इसके बाद वोट की बात करना। ग्रामीणों की एकजुटता देख प्रत्याशियों को भी बच्चे को तलाशने का आश्वासन देना पड़ा।

मामला इरादत नगर के थाना क्षेत्र के गांव हज्जपुरा का है। गांव के किराना व्यापारी गब्बर सिंह का नौ साल का बेटा कुलदीप 23 जनवरी को घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था। वह पहली कक्षा में पढ़ता है। तीसरे पहर करीब तीन बजे स्वजन ने उसे ट्यूशन पढ़ने को भेजने के लिए कुलदीप को तलाशना शुरू किया। उसके साथ खेलने वाले बच्चों से जानकारी की। बच्चों ने स्वजन को बताया कि कुलदीप को उन्होंने गांव में दोपहर में एक तेरहवीं में देखा था।

कुलदीप के चाचा जितेंद्र ने बताया कि कई घंटे बाद भी जब उसका पता नहीं लगा तो थाने पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी।  पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुलदीप की तलाश शुरू कर दी। उसके साथ खेलने वाले बच्चों व तेरहवीं में आए लोगों समेत अन्य से जानकारी की। मगर, कुलदीप का सुराग नहीं मिला। मंगलवार को एसपी ग्रामीण व सीओ समेत अन्य अधिकारी भी गांव पहुंचे। उन्होंने भी बालक के स्वजन को उसकी बरामदगी का आश्वसन दिया।

वहीं, किराना व्यापारी के बेटे के गायब होने से ग्रामीण भी परेशान है। गांव वाले भी अपने स्तर से उसकी तलाश में जुटे हैं।बुधवार को डोर टू डोर प्रचार के तहत कई पार्टियों के प्रत्याशी गांव में आए थे। प्रत्याशियों पर पूरा गांव एकजुट हो गया। गांव वालों का प्रत्याशियों से कहना था कि वह वोट की बात बाद में करें। पहले उनके गांव से गायब हुए बच्चे को खोजने में मदद करें। क्योंकि वह किसी एक परिवार का बेटा नहीं बल्कि पूरे गांव का सदस्य है।ग्रामीणों ने प्रत्याशियों से कहा कि पहले बच्चे को ढूंढकर लाओ, इसके बाद गांव में आकर वोट की बात करना। गांव की एकजुटता को देख प्रत्याशियों ने भी बच्चे को खोजने का आश्वासन दिया। 

Edited By: Tanu Gupta