आगरा, जागरण संवाददाता। आंबेडकर विवि का ऑनलाइन सिस्टम ध्वस्त हो गया है। छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के बाद भी ऑनलाइन सिस्टम में अपडेट नहीं किया जा रहा था। इससे परेशान छात्र विवि में चक्कर लगा रहे थे। विवि प्रशासन ने ऑनलाइन कार्य में लगे कर्मचारियों को हटा दिया है। विवि में मा‌र्क्सशीट सत्यापन, डिग्री, मॉ‌र्क्सशीट में संशोधन के लिए सालों से छात्र चक्कर लगा रहे हैं। छात्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया गया था। इसके लिए विवि के पालीवाल पार्क परिसर में एक दर्जन कर्मचारी और संविदा कर्मचारियों को लगाया गया था। ऑनलाइन आवेदन करने के 10 से 15 दिन में समस्याओं का निस्तारण कर स्टेटस अपडेट किया जाना था। मगर, पिछले कई महीने से अपडेट नहीं किया जा रहा था। ऐसे में मा‌र्क्सशीट के सत्यापन, डिग्री सहित अन्य समस्याओं के लिए छात्र भटक रहे थे। विवि प्रशासन को आशंका है कि अवैध वसूली के लिए स्टेटस समय से अपडेट नहीं किया जा रहा था। इस तरह की कई शिकायतें भी विवि प्रशासन को मिली हैं। ऑनलाइन कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को हटा दिया है। मामले की जांच कराई जा रही है। सीबीआइ ने अधिकारियों से की पूछताछ : आंबेडकर विवि के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में शनिवार को सीबीआइ ने अधिकारियों से पूछताछ की। अंक चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया और गड़बड़ी को लेकर सवाल पूछे, पूर्व में तैनात रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआइ, विवि के बीए सत्र 2006, बीकॉम सत्र 2005, 2008 और बीएड सत्र 2007 की फर्जी मार्कशीट और सत्यापन से नौकरी कर रहे युवकों की जांच कर रही है। टीम ने पांचवे दिन खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में विवि के अधिकारियों से पूछताछ की। उनसे अंक चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया और इसमें गड़बड़ी न हो, इसके लिए क्या इंतजाम किए गए हैं इसकी जानकारी ली। टीम ने बीए, बीकॉम और बीएड सेक्शन में पूर्व में तैनात रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ की। मूल अंक चार्ट भी टीम द्वारा लिए गए हैं। इनकी भी जांच की जा रही है।

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