Move to Jagran APP

UP News: तीन साल पहले ऑन ड्यूटी दारोगा की गोली मारकर की गई थी हत्या, कोर्ट ने दोषी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में दो वर्ष पहले दो भाइयों के बीच झगड़ा होने की सूचना पर पहुंचे दारोगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दारोगा की हत्या के मामले में दोषी को जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उस समय बलिदानी दारोगा प्रशांत कुमार खंदौली थाने में तैनात थे।

By Ali Abbas Edited By: Abhishek Pandey Thu, 11 Jul 2024 03:19 PM (IST)
बलिदानी दारोगा प्रशांत कुमार का फाइल फोटो। सौ.स्वजन

जागरण संवाददाता, आगरा। खंदौली में तीन वर्ष पहले दो भाइयों के बीच झगड़ा होने की सूचना पर पहुंचे दारोगा प्रशांत कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को जिला जज विवेक संगल ने दारोगा की हत्या के मामले में दोषी विश्चनाथ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 17 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया।

घटना 24 मार्च 2021 की है। खंदौली के गांव नहर्रा निवासी आरोपित विश्वनाथ का अपने भाई शिवनाथ से भूमि का विवाद चल रहा है। शिवनाथ ने आलू की फसल की थी। आरोपित विश्चनाथ फसल खोदने पहुंच गया था। विश्वनाथ ने इसका विरोध किया तो वह झगड़े और मारपीट पर आमादा हो गया था। विवाद की सूचना मिलने पर खंदौली थाने पर तैनात दारोगा प्रशांत यादव नहर्रा गांव गए थे।

वहां खेत पर झगड़ा करते विश्वनाथ को दारोगा प्रशांत यादव ने पकड़ने का प्रयास किया तो उसने तमंचा निकाल लिया। पीछा करते प्रशांत की गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने तीन दिन बाद जैतपुर में मुठभेड़ में आरोपित विश्वनाथ को दबोच लिया था। आरोपित के पैर में गोली लगी थी, उससे दो तमंचे बरामद किए थे। आरोपित तीन वर्ष जिला जेल में बंद था। अभियाेजन की ओर से ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों समेत दो दर्जन से अधिक गवाह न्यायालय के सामने पेश किए गए। जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत कुमार गुप्ता के तर्क एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला जज विवेक संगल ने दारोगा की हत्या के दोषी विश्वनाथ काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

रिमांड पर लेकर बरामद की थी पिस्टल

हत्याकांड की विवेचना इंस्पेक्टर आरपी त्यागी ने की थी। उन्हें घटनास्थल से दाे तरह के खोखे मिले थे। इस पर आरोपित को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर उसकी निशानदेही पर पिस्टल बरामद की थी।

इकलौते बेटे थे प्रशांत, स्वजन बोले त्वरित न्याय मिला

बुलंदशहर के छतारी थाना व कस्बा के रहने वाले प्रशांत वर्ष 2016 बैच के दारोगा थे। वह माता-पिता के इकलौते बेटे थे। प्रशांत के भी एक ही बेटा है। बुधवार को सजा सुनाए जाने के दौरान उनके साले ऋषभ समेत परिवार के अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। आरोपित को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने पर स्वजन का कहना था पुलिस की पैरवी के चलते उन्हें त्वरित न्याय मिला।

इसे भी पढे़ं: न्यू कानपुर सिटी के आसपास 70 बीघा अवैध प्लाटिंग पर गरजा बुलडोजर, 14 निर्माणाधीन भवन भी गिराए गए