आगरा (जागरण संवाददाता)। लिंग परीक्षण करते हुए बुधवार को यमुना पार झोलाछाप नर्स सहित तीन लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए। राजस्थान और स्थानीय पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) सेल की कार्रवाई के दौरान सरगना सहित दो फरार होने में कामयाब रहे। इनसे 20 हजार रुपये और पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई है।

राजस्थान पीसीपीएनडीटी की टीम ने भरतपुर, दौसा और धौलपुर की महिलाओं के गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कर गर्भपात कराने वाले रैकेट को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। डमी गर्भवती के साथ एक सहायक महिला को झोलाछाप नर्स ने सुबह हीरादास बाग, भरतपुर बस स्टैंड पर बुलाया। यहां उन्हें अनुराधा का पति जितेंद्र मिला, उसने लिंग परीक्षण के लिए 30 हजार रुपये लिए।

वह बस से उन्हें ईदगाह बस स्टैंड लेकर पहुंचा। यहां से सभी ऑटो से टेढ़ी बगिया हाथरस रोड पर सद्दीक भाई के घर पहुंचे। यहां किराए पर रह रही झोलाछाप नर्स रुखसार बेगम ने लिंग परीक्षण में लड़की बताकर गर्भपात के लिए सौदेबाजी शुरू कर दी, इसी दौरान टीम ने छापा मार दिया। उसका पति इरफान 10 हजार रुपये लेकर भाग निकला। टीम ने अनुराधा और उसके पति जितेंद्र से पांच-पांच हजार रुपये, रुखसार बेगम से 10 हजार रुपये और पोर्टेबल मशीन जब्त कर गिरफ्तार कर लिया।

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लिंग परीक्षण में सभी को लड़की बताई जाती थी, इसके बाद गर्भपात के लिए सौदेबाजी करते थे। 10 से 15 हजार रुपये में गर्भपात कराया जा रहा था। राजस्थान पीसीपीएनडीटी निदेशक रघुवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को भरतपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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Posted By: Amal Chowdhury

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