आगरा, जागरण संवाददाता। क्राइम ब्रांच ने आगरा छावनी क्षेत्र में तैनात तीन सैन्‍य कम‍ियों को ह‍िरासत में ल‍िया है। टीम ने यह कार्रवाई रव‍िवार की देर रात की है। टीम के साथ-साथ सेना की खुफ‍िया एजेंसी भी इनसे पूछताछ कर रही है। संकेत म‍िले है क‍ि इन तीनों से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच की टीम हर‍ियाणा रवाना हो गई है, वहां से भी कुछ को ह‍िरासत में ल‍िए जाने की तैयार‍ियां है।

दैनिक जागरण आगरा के मुख्‍य संवाददाता संजीव जैन के मुताबिक क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार प‍िछले पांच महीने मेे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में 13 आरोप‍ियों को जेल भेजा गया है, इनमेे से चार सेना मेे व‍िभ‍िन्‍न पदों पर कार्यरत रहे है। इन्‍हीं से पूछताछ के आधार पर आगरा कैंट से तीन सैन्‍य कर्म‍ियोें को ह‍िरासत मेे ल‍िया गया है। पुल‍िस की एक टीम रव‍िवार को सुबह आगरा कैंट में पहूुंची और वर‍िष्‍ठ अधिकारियों को व‍िश्‍वास में लेकर इन तीन सैन्‍य कर्म‍ियों को ह‍िरासत में ल‍िया गया। एसएसपी मुनीराज जी ने इस मामले में अन‍भ‍िज्ञता जताई है। कहा है क‍ि इस प्रकरण की उन्‍हें जानकारी नही हैैै।

दो महीने पहले परमजीत की हुई थी गिरफ्तारी

करीब दो महीने पहले यानी 13 जुलाई को द‍िल्‍ली पुल‍िस के व‍िशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच प्रवीर रंजन के न‍िर्देशन में आगरा कैंट में तैनात सेना के लांसनायक परमजीत सिंह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी पोखरण में सेना को रसद, दूध व सब्जियां आपूर्ति करने वाले ठेकेदार हबीबुर्रहमान रहमान से पूछताछ के बाद की गई थी। इनसे पूछताछ के बाद मोहसिन नाम के एक और आरोपित को गिरफ्तार किया। मोहस‍िन तीन बार पाकिस्तान जा चुका है और लगातार पाकिस्तानी उच्चायोग के संपर्क में था। पेशे से कबाड़ी का काम करने वाला मोहसिन पाकिस्तान जाने वाले लोगों को वीजा दिलवाने में बिचौलिये का काम करता था। वह हबीबुर्रहमान से तीन वर्षों से जुड़कर आइएसआइ के लिए जासूसी करने का काम कर रहा था। इसे पाकिस्तान से हवाला के जरिए पैसा आता था, जिसे वह हबीबुर्रहमान के जरिए सेना के लांस नायक परमजीत सिंह की बहन के बैंक खाते में भेज देता था। दस्तावेज मुहैया कराने के बाद हबीबुर्रहमान परमजीत को हर महीने एक लाख रुपये देता था। यह पैसा परमजीत अपनी बहन के खाते में ट्रांसफर करता था।

Edited By: Prateek Gupta