आगरा, जागरण संवाददाता। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल पर अब थर्मल डिवाइस पर्यटकों को 'अलाउड' कर रही है। पर्यटक के शरीर का तापमान अधिक होने या फिर उसके मास्क नहीं लगाने या उचित ढंग से मास्क नहीं लगाने पर डिवाइस से 'नॉट अलाउड' का स्वर गूंज रहा है। इस पर पर्यटक को गेट पर ही रोक लिया जा रहा है।

188 दिनों की बंदी के बाद सोमवार से ताजमहल के द्वार पर्यटकों के लिए खोल दिए गए थे। कोरोना काल में खुले ताजमहल में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं। स्मारक में पर्यटकों को प्रवेश देने से पूर्व थर्मल इमेज गन से उनके शरीर का तापमान जांचा जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि पर्यटक मास्क लगाए हैं या नहीं। सोमवार को थर्मल इमेज गन से पर्यटकों की जांच कर स्मारक में प्रवेश दिया गया था। मंगलवार को ताज पूर्वी गेट पर दो थर्मल डिवाइस सीपी प्लस लगा दी गईं। सेंसर बेस्ड डिवाइस के सामने पर्यटक के पहुंचते ही उसके शरीर का तापमान स्क्रीन पर डिस्प्ले होने लगता है। पर्यटक के मास्क नहीं पहनने या गलत ढंग से मास्क पहनने पर डिवाइस 'नो मास्क' बोल रही है। मास्क सही ढंग से पहनने और शरीर का तापमान मानक के अंदर होने पर ही पर्यटकों को डिवाइस द्वारा 'अलाउड' किया जा रहा है। इससे एएसआइ को गेट पर पर्यटकों के शरीर के तापमान की जांच और मास्क पहनने की देखरेख करने को अलग से कर्मचारी तैनात नहीं करने पड़ेंगे। ताज पश्चिमी गेट पर भी शीघ्र ही थर्मल डिवाइस लगाई जाएंगी। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल देश की शान है। इसलिए यहां विश्वस्तरीय सुविधाओं के अनुकूल थर्मल डिवाइस लगाई गई हैं। पश्चिमी गेट पर भी डिवाइस लगाई जाएंगी। 

आगरा किला पर की व्यवस्था

आगरा किला पर नेटवर्क प्रोब्लम की वजह से सोमवार को पर्यटकों को काफी परेशानी हुई थी। कुछ पर्यटक स्मारक देखे बगैर ही लौट गए थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने मंगलवार को टिकट विंडो के नजदीक एक कर्मचारी की ड्यूटी लगा दी। यहां टिकट विंडो तक मोबाइल नेटवर्क काम करता है। इसके आगे नेटवर्क प्रोब्लम रहती है। इससे पर्यटकों को सहूलियत रही।

 

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