आगरा, जागरण संवाददाता। आधी रात को शहर नींद के आगोश समाया हुआ था। शहर के बस अड्डे सफर पर निकले लोगों की भीड़ से गुलजार थे।मगर, पुलिस व्यवस्था नदारद थी। जबकि आधी रात को ही सार्वजनिक यह स्थान सबसे ज्यादा संवेदनशील स्पाट में तब्दील हो जाते हैं। यहां अराजक तत्वों और नशेबाजों के अड्डे बन जाते हैं। ऐसे में पुलिस चेकिंग का अभाव इन अड्डों पर खटक रहा था।

दैनिक जागरण की टीम गुरुवार आधी रात को शहर में पुलिस चौकसी का जायजा लेने निकली। कई जगहों पर पुलिस सतर्क मिली। मगर, आधी रात को पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग करती है। शहर में पुलिस की गश्त तो मिली लेकिन चेकिंग अभियान नहीं दिखा। बिजलीघर बस अड्डे पर यात्रियों की ठीक-ठाक भीड़ थी। यहां पर बाह डिपो की तीन बस खड़ी थीं। दो में सवारियां भरी जा रही थीं।

वहीं वाटर वर्क्स चौराहे पर फीरोजाबाद, एटा और कानपुर के लिए जाने वाली छह बसें खड़ी थीं। यहां पर सवारियों को भरा जा रहा था। वहीं, कुछ सवारियां नीचे खड़ी होकर एसी बस का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान कई कार व जीप वहां आकर रूकीं। सवारियों को बैठाने के लिए फीरोजाबाद और इटावा की आवाज लगाई। मगर, किसी ने उनमें बैठने का प्रयास नहीं किया। इसका एक कारण ये भी है कि सफर के दौरान लोग अपनी सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हैं। इसीलिए वह रात में रोडवेज बसों को प्राथमिकता देते हैं।

आधी रात 1:30: दयालबाग चौकी पर पसरा मिला सन्नाटा

खंदारी फ्लाई ओवर के नीचे बनी दयालबाग चौकी पर सन्नाटा पसरा मिला। चौकी के बाहर कोई पुलिसकर्मी नहीं था। जबकि भगवान टाकीज से खंदारी फ्लाई ओवर तक डग्गेमार वाहनों की सबसे ज्यादा आमद रहती है। यहां से मथुरा और फीरोजाबाद के लिए रात भर सवारियां भरी जाती हैं।

आधी रात 2:0 बजे: आइएसबीटी

पुलिस बूथ पर पुलिसकर्मी नहीं मिले। हालांकि पुलिस की जीप वहां जरूर खड़ी हुई थी। मगर, वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं था। बूथ के पास चाय व पान के खोखे पर जरूर यात्री खड़े हुए थे। खोखे वाले को आर्डर देने के बाद चाय का इंतजार कर रहे थे।

सुबह 3:0 बजे: मंटोला

जामा मस्जिद और सुभाष बाजार के पास पुलिसकर्मी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान संदिग्ध दिखाई देने वाले दो लोगों को रोक कर उनकी तलाशी ली। वह कहां के रहने वाले हैं, कहां से आ रहे हैं, कहां जा रहे हैं। पूछने के बाद उनकी आइडी देखी। इसके बाद युवकों को जाने दिया।

तीन थानों की सीमा, तैनात एक पुलिसकर्मी

ईदगाह बस स्टैंड के आसपास तीन थानों रकाबगंज, शाहगंज और सदर की सीमा लगती है। यहां से दूसरे राज्यों के लिए बसों में रात से सुबह तक सवारियों के आने-जाने का सिलिसला रहता है। आधी रात को सवारियों की खूब भीड़भाड़ थी। बस अड्डे के आसपास भी काफी चहल-पहल थी। मगर, सुरक्षा के नाम यहां सिर्फ एक पुलिसकर्मी तैनात थे।

Edited By: Prateek Gupta