आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के दौर में बेसिक शिक्षकों को अहम जिम्मेदारी मिलने वाली है। वह गांव-गांव जाकर कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी संक्रमण व इससे बचाव के तरीके बताएंगे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव को निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसलिए जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे कारगर तरीका है। इसलिए शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, अभिभावकों व ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण से बचाव, साफ-सफाई, स्वच्छता, मास्क पहनना, शारीरिक दूरी का पालन करने और दिन में कई बार साबुन से हाथ धोने आदि के लिए जागरूक करेंगे। इन संदेशों को जनआंदोलन बना कर लोगों तक पहुंचाएंगे।

स्थानीय भाषा में करेंगे जागरूक

शिक्षक ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए स्थानीय भाषा में संदेश देंगे। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा, जिसमें डिजिटल माध्यम जैसे दूरदर्शन, स्थानीय चैनल, रेडियो या ई-लर्निंग साइट आदि पर प्रचार किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टर, बैनर व दीवार पर रचनात्मक संदेश लिखवाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में भी इन पोस्टर आदि को लगाया जाएगा।

शिक्षकों को इसलिए दी जिम्मेदारी

महानिदेशक स्कूल शिक्षा का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की पहुंच गांव के अधिकतर घरों तक होती है। इसलिए वह लोगों के बीच में ज्यादा बेहतर ढ़ंग से इस अभियान को जोर-शोर से चलाकर कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीके लोगों को सिखा पाएंगे। यह अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा और हैशटैग यूनाइट टू फाइट कोरोना के साथ इससे जुड़ी तस्वीरे ट्विटर व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाएंगीं।