चमचमा उठा ताजमहल में लगा संगमरमर, कीड़ों के छोड़े दाग ASI ने कराए साफ
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने ताजमहल की सतह पर यमुना की गंदगी से पनपे गोल्डीकाइरोनोमस कीड़ों द्वारा छोड़े गए दागों ...और पढ़ें

ताजमहल में लगे संगमरमर को एएसआई ने साफ कराया है।
जागरण संवाददाता, आगरा। भारतीय पुरातत्व सर्णेक्षण (एएसआइ) ने ताजमहल की सतह पर यमुना की गंदगी में पनपे कीड़े गोल्डीकाइरोनोसम द्वारा छोड़ी गई गंदगी के निशान साफ करा दिए हैं। उन्हें शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी के दिन डिस्टिल्ड वाटर से धाेकर साफ कराया गया। एएसआइ ने रसायन शाखा को स्थिति की जांच के लिए पत्र भी भेजा है।
यमुना की गंदगी में पनपने वाला कीड़ा गोल्डीकाइरोनोमस ताजमहल की ओर आकर्षित होकर उसकी सतह पर गंदगी (मल-मूत्र) के दाग छोड़ता है। मार्च-अप्रैल और सितंबर-अक्टूबर में सबसे अधिक यह समस्या रहती है। ताजमहल की उत्तरी मेहराब में बने आलों, जाली और पच्चीकारी के पैनल पर गहरे भूरे रंग के दाग नजर आते हैं। पानी के संपर्क में आने से यह हरे रंग के हो जाते हैं।
इस बार भी अक्टूबर की शुरूआत में उत्तरी मेहराब में नीचे से ऊपर तक गोल्डीकाइरोनोमस द्वारा छोड़ी गई गंदगी के दाग नजर आए थे। एएसआइ की रसायन शाखा बजट के अभाव में सफाई नहीं करा सकी थी। इसके चलते एएसआइ के माल रोड स्थित कार्यालय द्वारा स्वयं सफाई कराने का निर्णय लिया गया था। ताजमहल की साप्ताहिक बंदी के दिन शुक्रवार को उत्तरी मेहराब में जगह-जगह गोल्डीकाइरोनोमस द्वारा छोड़े गए दागों को साफ कराया गया।
अधीक्षण पुरातत्वविद डा. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि गोल्डीकाइरोनोमस द्वारा ताजमहल की सतह पर छोड़े गए दाग डिस्टिल्ड वाटर से धोकर साफ करा दिए गए हैं। रसायन शाखा को एक बार स्थिति की जांच को पत्र भेजा गया है।