आगरा, जेएनएन। जगद्गरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि अयोध्या में मस्जिद का कोई अस्तित्व ही नहीं है। न तो कभी बाबर आया और न ही उसका कोई कर्मचारी। यहां मस्जिद के बारे में न तो हुमायूं ने कोई चर्चा की है और न ही अकबर ने भी मस्जिद का कोई उल्लेख कभी किया। गोस्वामी तुलसीदास ने भी वहां मस्जिद है, इसकी कोई चर्चा नहीं हुई। औरंगजेब के जमाने में मंदिरों की तोडफ़ोड़ हुई। लेकिन बाबरी मस्जिद तब भी वहां नहीं बन पाई।

वृंदावन के दावानल कुंड स्थित उडिय़ा बाबा आश्रम में रविवार को पत्रकारों से रूबरू शंकराचार्य ने कहा ढांचा टूटने से पहले हमने खुद देखा है। ढांचे में मंगल कलश था, हनुमानजी का चित्र था, मस्जिद का कोई चिन्ह चक्र नहीं था। ढांचे को तोड़े जाने के बाद ही वहां मस्जिद का भ्रम उत्पन्न हुआ। कहा वह हिंदुओं का स्थान है और श्रीराम की जन्मभूमि है। इसलिए यहां भव्य राममंदिर बनना चाहिए । कहा कि जैसे भाजपा कहती है कि स्मारक बनाना चाहिए। ऐसा नहीं है मंदिर ही बनना चाहिए। अयोध्या में पूजा तो हो ही रही है। मंदिर बनाना हमारा अधिकार है। न्याय के जरिए भूमि हमारे हाथ आए और भव्य मंदिर बने।

उन्होंने कहा कि देश से गोमांस का निर्यात पूरी तरह बंद होना चाहिए। जबकि मोदी ने पीएम बनने से पहले कहा था कि गोवंश के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। काश्मीर में भी धारा 370 अब तक नहीं हटाई गई है। जो वादे मोदी ने पहले किए थे, उन्हें पूरा करें।

कहा कि अगर मोदी ने वादे पूरे नहीं किए तो जनता क्षमा नहीं करेगी। पूरे पांच साल मंदिर के बारे में कोई बात तो नहीं की। नदियों के बारे में कहा कि सरकार नदियों के शुद्धिकरण की बात कर रही है। लेकिन उसकी धारा को बाधित कर रहे हैं। जबकि सब जानते हैं कि बिना वेग के नदियां कभी शुद्ध नहीं होतीं। विकास के नाम पर बांध बनें, लेकिन इतने बांध न बनाए जाएं कि नदी अपना वेग खो दे और प्रदूषित हो जाए।

 

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Posted By: Tanu Gupta

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