सुप्रीम कोर्ट की रोक, फिर भी इनर रिंग रोड के किनारे गुतिला में दर्जनों पेड़ों पर चलाई आरी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ काटने पर रोक के बावजूद आगरा के गुतिला में इनर रिंग ...और पढ़ें

इनर रिंग रोड पर काटे गए हरे पेड़।
जागरण संवाददाता, आगरा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ काटने पर लगाई गई रोक के बावजूद पेड़ों का अवैध कटान नहीं रुक रहा है। इनर रिंग रोड के किनारे गुतिला में लगे दर्जनों पेड़ों पर आरी चलवा दी गई है।
किसानों ने निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया द्वारा निर्धारित परिभाषा के अनुसार एक मीटर ऊंचाई और पांच सेमीमीटर गोलाई वाले तने को पेड़ माना जाता है। गुतिला में इससे अधिक मोटे पेड़ों को काटा गया है।
गुतिला में एडीए की ट्रक ले-बाइ बनाने की योजना है। यहां रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में इनर रिंग रोड के किनारे लगे पेड़ों को काट दिया गया। यहां पेड़ों के ठूंठ छोड़ दिए गए हैं। यहां पौधारोपण को खोदे गए गड्ढे भी खाली दिख रहे हैं।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि अधिकारी अपने लाभ के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर बिना अनुमति पेड़ काट दिए गए हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कराकर पेड़ काटने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किसान नेता मुकेश पाठक ने कहा कि पहले भी इनर रिंग रोड लैंड पार्सल की भूमि पर पेड़ काटे गए थे।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजेश कुमार ने बताया कि पेड़ काटने का मामला संज्ञान में नहीं है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेजियम जोन में पेड़ काटने पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी शहर में लगातार अवैध रूप से पेड़ कट रहे हैं। अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगाकर बच जाते हैं और पेड़ की हत्या हो जाती है। इस मामले को वह सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाएंगे।
-डा. शरद गुप्ता, पर्यावरण कार्यकर्ता
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