आगरा, अली अब्‍बास। टाइम नहीं है, जल्दी करो। जो भी है निकालकर दे दो, वर्ना गोली मार देंगे। शनिवार की आधी रात को पुलिस ने डाक्टर दंपती के सामने 44 संदिग्धों से यह डायलाग बुलवाया। पुलिस इस एक डायलाग से डकैती डालने वाले बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही थी। इनमें से किसी की आवाज मैच नहीं खाई तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। मगर, उनका नाम-पता और मोबाइल नंबर नोट कर लिया था।

जगदीशपुरा की आवास विकास कालोनी सेक्टर दो में शनिवार की रात को डाक्टर जसवंत राय के यहां बदमाशों ने डकैती डाली। उनकी पत्नी डाक्टर सुनीता सागर व छोटे भाई सुखवीर सिंह की पत्नी सीमा सागर को बंधक बनाकर आठ लाख रुपये कैश और 12 लाख रुपये से ज्यादा के जेवरात लूट ले गए। बदमाशों ने डाक्टर जसवंत राय और सीमा सागर के मुंह पर टेप लगा हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया था। सुनीता सागर जो कि लेडी लायल में प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं, उनको गन प्वाइंट पर लेकर उनसे अलमारी की तिजोरी खुलवाई थी।

बदमाशों ने डाक्टर सुनीता सागर के सिर पर तमंचे ताना हुआ था। वह बार-बार एक ही डायलाग बोल रहे थे। टाइम नहीं है, जल्दी करो। जो भी है निकालकर दे दो, वर्ना गोली मार देंगे। डाक्टर दंपती ने पुलिस को बताया कि बदमाशों का हुलिया मजदूरों जैसा था। उनकी बोलचाल की भाषा स्थानीय थी। सेक्टर दो और तीन में दर्जनों मजदूर झुग्गी-झोपडी डालकर रहते हैं। पुलिस ने रात में ही इन झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के यहां सर्च आपरेशन चलाया। झोपड़ी डालकर रहने वालों के बारे में जानकारी की। वह कब से यहां रहे हैं, कहां काम करते हें।

इसके बाद पुलिस 44 संदिग्धों को अपने साथ लेकर डाक्टर दंपती के यहां पहुंची। सभी बदमाशों ने अपना चेहरा छिपा रखा था। इसलिए पुलिस ने 44 संदिग्धों से बदमाशों द्वारा बोला गया डायलाग दंपती के सामने बोलने की कहा। जिससे कि दंपती आवाज से संदिग्ध की पहचान करके पुलिस को इशारा कर सकें। मगर, इनमें से किसी की आवाज डकैती डालने वाले बदमाशों से मैच नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस ने इन सभी को छोड़ दिया, उनसे कहा कि जरूरत पड़ने पर दोबारा बुलाया जाए तो वह हाजिर हो जाएं।

 

Edited By: Prateek Gupta