फिरोजाबाद, जागरण संवाददाता। भाजपा छोड़ सपा में शामिल हुए विधायक डा.मुकेश वर्मा के दलबदल का असर 24 घंटे बाद सामने आ गया। सपा की टिकट के सबसे प्रबल दावेदार पूर्व विधायक ओमप्रकाश वर्मा ने शनिवार देर रात सपा को अलविदा कह दिया और लखनऊ के लिए रवाना हो गए। पूर्व विधायक का कहना है कि वह रविवार को भाजपा ज्वाइन करेंगे।

पूर्व मंत्री और निषाद समाज के कद्दावर नेता रहे रघुवर दयाल वर्मा के पौत्र ओमप्रकाश वर्मा 2012 में शिकोहाबाद से सपा के विधायक बने थे। 2017 में सैफई परिवार की कलह में उनका टिकट कट गया था। इस चुनाव के लिए वे प्रत्याशी के प्रबल दावेदार थे। तीन दिन पूर्व बदले सियासी घटनाक्रम में भाजपा विधायक डा. मुकेश वर्मा ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ जाने का एलान करते हुए भाजपा से इस्तीफा देकर सपा ज्वाइन कर ली थी।

शनिवार रात डा.मुकेश वर्मा का सपा से टिकट फाइनल होने की खबरें आई तो पार्टी में खलबली मच गई। सूत्रों के मुताबिक असंतुष्ट ओमप्रकाश वर्मा ने दो दिन पूर्व भाजपा में शामिल हुए सिरसागंज के बर्खास्त सपा विधायक हरिओम यादव से संपर्क किया। हरिओम यादव ने उन्हें घर बुलाया और पार्टी नेतृत्व से वार्ता की। इसके बाद रात को ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

जागरण से बातचीत में ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि जब पार्टी कल आने वाले शख्स को टिकट देगी तो कार्यकर्ता अलविदा कहेगा ही। मैंने शिकोहाबाद में ही सपा को अलविदा कह दिया है। अब पार्टी से कोई सरोकार नहीं है। मैं रविवार को भाजपा ज्वाइन कर रहा हूं। प्रदेश संगठन से पूरी बात हो चुकी है। लखनऊ जा रहा हूं। उधर, सपा जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र चंचल का कहना है कि अधिकृतरूप से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके पार्टी छोड़ने की जानकारी अन्य माध्यमों से मिली है। ---भाजपा गठबंधन से जीतकर वनमंत्री बने थे बाबा, पौत्र शुरू करेंगे पारी.

प्रदेश के पूर्व वन मंत्री रहे रघुवर दयाल वर्मा ने 1996 में विस चुनाव भाजपा-समता पार्टी गठबंधन में फिरोजाबाद सीट से जीता था। इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए और वन मंत्री बने। चार बार के विधायक रहे रघुवर दयाल वर्मा बाद में सपा में चले गए। 2011 में उनके निधन के बाद सपा ने पौत्र ओमप्रकाश वर्मा को शिकोहाबाद से टिकट दिया और वे जीते थे। अब वे भाजपा से पारी शुरू कर रहे हैं।

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