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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Politics: 26 की उम्र में सांसद, चंद्रशेखर सरकार में रहे मंत्री, ऐसा है राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन का राजनीतिक सफर

Published: Wed, 28 Feb 2024 07:16 AM (IST)Updated: Wed, 28 Feb 2024 07:23 AM (IST)

Rajya Sabha Elections Result रामजीलाल सुमन की जीत सपा का चला पीडीए कार्ड।अनुसूचित जाति के मतदाताओं को लुभाने को बनाया ...और पढ़ें

Rajya Sabha Elections Result: रामजीलाल सुमन की जीत, सपा का चला पीडीए कार्ड
Rajya Sabha Elections Result: रामजीलाल सुमन की जीत, सपा का चला पीडीए कार्ड

HighLights

  1. कहा, संसद उनके लिए नई नहीं है
  2. राज्यसभा में उठाकर जनजीवन की समस्याओं का कराएंगे निस्तारण

जागरण संवाददाता, आगरा। लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व राज्यसभा चुनाव में आगरा के रामजीलाल सुमन की जीत ने सपा काे पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक (पीडीए) कार्ड पर ही आगे बढ़ने की राह दिखाई है। पार्टी ने मुलायम सिंह यादव के करीबी समाजवादी नेता और राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन को प्रत्याशी बनाकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया था। उसका यह दाव सफल रहा है।

आगरा व अलीगढ़ मंडल में सुमन की मजबूत पैठ से सपा को लोकसभा चुनाव में मजबूती मिलेगी। सपा ने आइएनडीआइ गठबंधन में पीडीए फार्मूला दिया था। गतिरोध और वार्ताओं के दौर के बाद उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस में सीट बंटवारे पर सहमति बनी और राहुल गांधी की रविवार को आगरा में हुई न्याय यात्रा में अखिलेश यादव ने शामिल होकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया था।

सपा और कांग्रेस के पास खाते हैं ये सीट

आगरा सुरक्षित सीट सपा और फतेहपुर सीकरी सीट कांग्रेस के खाते में आई है। आगरा सुरक्षित और फतेहपुर सीकरी के साथ ही फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस सीट पर अनुसूचित जाति के मतदाताओं में सपा सेंध लगा सकेगी। इन सीटों पर अनुसूचित जाति के मतदाता बड़ी संख्या में हैं, जिनमें सपा सेंध लगाएगी।

26 वर्ष की उम्र में बने थे सांसद

  • संजय प्लेस स्थित एचआइजी फ्लैट में रहने वाले रामजीलाल सुमन मूल रूप से सादाबाद के गांव बहरदोई के निवासी हैं।
  • छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले सुमन 26 वर्ष की उम्र में 1977 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए थे।
  • सपा के टिकट पर वह वर्ष 1989, 1999 और 2004 में सांसद चुने गए थे।
  • सपा ने वर्ष 2014 व 2019 में उन्हें हाथरस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया था, लेकिन वह जीत नहीं सके। चंद्रशेखर सरकार में वह वर्ष 1991 में महिला कल्याण, श्रम कल्याण और बाल विकास मंत्री रहे।

2012 के बाद चली साइकिल

आगरा में सपा की साइकिल वर्ष 2012 के बाद चली है। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बाह से सपा की टिकट पर अरिदमन सिंह जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। इसके बाद वर्ष 2014 व 2019 में हुए लोकसभा चुनाव और वर्ष 2017 व 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा जीत दर्ज नहीं कर सकी थी।

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समर्थकों सहित लखनऊ में हैं सुमन

सपा द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद रामजीलाल सुमन समर्थकों समेत लखनऊ चले गए थे। सुमन की जीत पर उनके समर्थकों में लखनऊ से लेकर आगरा तक जश्न का माहौल देखने को मिला। उनके साथ लाल सिंह लोधी, धर्मेंद्र यादव, सलीम शाह, गौरव यादव, अमित जैन, दिवाकर गुर्जर, मदन गर्ग, राघवेंद्र पुंडीर, हृदेश चौहान, रविकांत मिश्रा, अखिलेश तिवारी लखनऊ गए थे।

राज्यसभा में उठाकर जनजीवन की समस्याओं का कराएंगे निस्तारण

राज्य सभा सदस्य चुने गए रामजी लाल सुमन ने जागरण संवाददाता से फोन पर वार्ता में प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि संसद उनके लिए नई नहीं है। वे संसदीय मान्यताओं को अच्छी तरह जानते हैं। संसद में देश और दुनिया के प्रश्न उठाने के साथ ही ऐसे प्रश्न भी उठाए जाते हैं जो जन सामान्य से जुड़े हों। उन्होंने कहा कि वे राज्यसभा में जन जीवन की समस्याओं को उठाकर उनका निस्तारण कराएंगे।