आगरा, नवनीत शर्मा। 30 साल का लंबा इंतजार। ये वह इंतजार था, जिसने कार सेवकों को हर पल मर्यादा पुरुषोत्तम की याद दिलाई। यादें आंखों में बसी थीं। होती भीं क्यों न राम के काज को जेल जो काटी थी। अब जाकर दिल को सुकून मिला है। ये वह कारसेवक हैं, जो बरसों से केवल राम का मंदिर देखना चाह रहे थे। अयोध्या में भूमिपूजन हुआ, तो कारसेवकों की आंखों से खुशियों का नीर छलक उठा।

पूर्व पालिकाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल को कारसेवा के दौरान घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। एक माह जेल में रहे। कहते हैं कि वर्षों से इस सुखद पल को आंखों से देखने की तमन्ना थी। प्रभु राम ने ये अभिलाषा भी पूरी कर दी। इस खुशी को व्यक्त करने के लिए समय नहीं है। राम मंदिर का भूमिपूजन टीवी पर घर पर देखते वीरेंद्र भावुक हो गए। बोले, ये किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी प्रभु कृपा है। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग तो आज खुशी बयां करते ही भावुक हो गए। बोले, मन खुशी में झूम रहा है, रोम-रोम रोमांचित है। पुलिस ने कारसेवा के दौरान घर से ही गिरफ्तार कर लिया। उस समय रविकांत विधायक थे। वह कहते हैं कि मेरे ऊपर रामकाज करने के आरोप में 27 मुकदमे दर्ज कर दिए गए। 36 दिन एटा जेल में रहा। जेल जाने से पहले द्वारिकाधीश मंदिर और यमुना पूजन किया। उस समय भी भगवान से यही प्रार्थना की थी कि भव्य राममंदिर का निर्माण होना चाहिए। आज यह सपना साकार हो गया है।

भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री चिंताहरण चतुर्वेदी कहते हैं कि ये क्षण केवल भारत ही नहीं विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए भी अविस्मरणीय है। एक माह तक कारसेवा के दौरान जेल में रहे ङ्क्षचताहरण कहते हैं कि आज टीवी पर जब भूमिपूजन होता देख रहा हूं, तो अपने -अपने रोम-रोम हर्षाया है। हो भी क्यों, कितने वर्षों से ये दिन देखने को आंखें तरस रही थीं। आखिर वह दिन आया और उसे देखने का मौका प्रभु श्री राम ने ही दिया है। बात करते-करते भावुक हो गए। बोले मैंने कोई अपराध नहीं किया था। भगवान राम के काज के ही लिए लोगों से आंदोलन कर रहा था। लेकिन पुलिस ने घर घेरा था। जल्द मंदिर का पूर्ण निर्माण हो और मैं रामलला को उस मंदिर में विराजित देखना चाहता हूं।  

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