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आगरा जनकपुरी महोत्सव: 60 फीट ऊंचे जनक महल में प्रभु श्रीराम के भव्य दर्शन, जोधपुर के झरोखे और बंगाल की रोशनी

Published: Sun, 27 Sep 2026 12:49 PM (IST)

आगरा में जनकपुरी महोत्सव के लिए 60 फीट ऊंचा जनक महल तैयार हो रहा है, जहाँ प्रभु श्रीराम के भव्य ...और पढ़ें

आकार ले रहा है जनक महल।

आकार ले रहा है जनक महल।

HighLights

  1. 60 फीट ऊंचा जनक महल प्रभु श्रीराम के दर्शन हेतु।

  2. नेपाली शैली, जोधपुर के झरोखे, बंगाल की विशेष रोशनी।

  3. 6 अक्टूबर से सीता डोला, 7-9 अक्टूबर को दर्शन।

जागरण संवाददाता, आगरा। प्रभु श्रीराम के स्वागत और माता जानकी के साथ उनके स्वयंवर की घड़ी नजदीक आ रही है। प्रभु की अगवानी को भावना एस्टेट रोड पर जनक महल धीरे-धीरे नेपाली शैली में आकार ले रहा है। कारीगर लकड़ी की बल्लियों को जोड़कर महल की ऊंचाई गढ़ रहे हैं। लोहे के ट्रेस से विशाल ढांचा खड़ा हो रहा है। राजस्थानी शैली में झरोखों और बालकनियों की बारीक कारीगरी में रंग भरे जा रहे हैं। दिन-रात चल रहे निर्माण के बीच ऐसा आभास हो रहा है, मानो मिथिला का जनक दरबार आगरा की धरती पर उतरने की तैयारी कर रहा हो।
सिकंदरा स्थित भावना एस्टेट रोड पर सज रही जनकपुरी की शुरूआत छह अक्टूबर को माता सीता का डोला नगर भ्रमण से होगी। इसके बाद सात, आठ और नौ अक्टूबर को जनक महल से स्वरूप लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट के निकट करीब 300 गुणा 150 फीट के परिसर में आकार ले रहा यह जनक महल इस बार सिर्फ एक मंच नहीं, भक्ति, स्थापत्य और शिल्प का भव्य संगम बना नजर आएगा।  

नेपाल शैली में तैयार हो रहे महल में जोधपुर के झरोखे और बालकनियां दिखाई देंगी, रात में बंगाल से मंगाई गई सूर्य की विशेष लालिमा लिए रोशनी इसकी भव्यता को नया आयाम देगी।

60 फीट ऊंचे बिना पिलर के मंच पर होंगे प्रभु के दर्शन, नेपाल की स्थापत्य शैली में सजेगा महल

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने बताया कि कोलकाता से आए 62 कारीगर दिन-रात जनक महल को अंतिम स्वरूप देने में जुटे हैं। निर्माण में करीब छह हजार बल्लियां और तीन हजार लोहे की ट्रेस लगाए जा रहे हैं। लकड़ी, कपड़े और रोड आयरन से ढांचा तैयार हो रहा है। विशेष बात यह है कि इसमें कहीं भी प्लास्टिक और रस्सी का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।

दरबार ले रहा आकार

जनक महल को अंतिम रूप देने में जुटे बंगाल के कारीगर जेके राय बताते हैं कि नक्काशी, झरोखों, बालकनियों और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे दिन में इसकी स्थापत्य सुंदरता और रात में रोशनी के बीच इसकी भव्यता अलग दिखाई दे। आयोजन समिति पदाधिकारी भी प्रतिदिन निर्माण स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। शनिवार को भी समिति पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया।

ठा. नरेंद्र सेंगर, संतोष कटारा, संजय गोयल, मनोज बंसल, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, आकाश ग्वाला, राणा सुशील सिंह, वेदप्रकाश गोस्वामी पार्षद, रामचंद्र सिंह राणा, धीरज शर्मा, धीरज मंगल मौजूद रहे।

नेपाली महल, जोधपुर के झरोखे, बंगाल की रोशनी

जनक महल की वास्तुशैली इस बार मुख्य आकर्षण रहेगी। महल का मूल स्वरूप नेपाल शैली में होगा, जबकि झरोखों और बालकनी में जोधपुर की राजस्थानी स्थापत्य कला की झलक मिलेगी। बंगाल से आए कारीगर इसकी नक्काशी और बारीक सजावट को अंतिम रूप दे रहे हैं। रात में बंगाल से मंगाई गई विशेष लाइटिंग जनक महल को रोशन करेगी। आयोजन समिति के अनुसार, रोशनी की ऐसी योजना बनाई गई है कि अंधेरा होने के बाद पूरा महल सूर्य के लालिमा लिए प्रकाश की तरह दमकता हुआ नजर आए।

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खंबे नहीं बनेंगे दर्शकों के लिए बाधा, 60 फीट ऊंचा होगा जनक दरबार

इस वर्ष जनक महल का 60 फीट ऊंचा मुख्य मंच इसकी विशेषता रहेगा। मंच के बीच न कोई खंबा होगा, कोई अन्य बाधा। यानी दूर खड़े श्रद्धालुओं की नजर और प्रभु के दर्शन के बीच कोई बाधा नहीं आएगी। मुख्य मंच पर चारों भाई, माता जानकी, ऋषि-मुनि, राजा दशरथ और राजा जनक अपनी रानियों के स्वरूपों संग विराजमान होंगे। श्रद्धालुओं सभी प्रमुख पात्रों के दर्शन एक साथ कर पाएं इसके लिए मंच पर विशेष फोकस लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे दूर से भी प्रभु श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के स्पष्ट दर्शन हो सकें। जनक महल परिसर में तीन मंच होंगे, मुख्य मंच स्वरूपों के लिए, दूसरे मंच पर सम्मान समारोह और तीसरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। नील फ्लोरेंस के पास प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग मंच तैयार किया जाएगा।

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दो हजार श्रद्धालु एक साथ, 600 के लिए अलग वीआईपी गैलरी

दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जनक महल परिसर में करीब दो हजार श्रद्धालुओं के लिए स्थान का प्रबंध किया जा रहा है। वीआइपी गैलरी में सोफे पर करीब 600 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रशासनिक अधिकारियों, मजिस्ट्रेट, मंत्री, मीडिया, श्री रामलीला कमेटी और जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के लिए सात अलग-अलग ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। प्रवेश बैरिकेडिंग के जरिए होगा, जबकि बाबा नीब करौली मंदिर के पास से निकासी व्यवस्था होगी।

वर्षा में भी नहीं रुकेंगे दर्शन

वर्षा और जलभराव की स्थिति बनने पर भी कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा और श्रद्धालु स्वरूपों के दर्शन बिना रुकावट कर पाएंगे। इसके लिए पूरा परिसर जमीन से करीब एक फीट ऊंचे प्लाई प्लेटफार्म पर तैयार किया जा रहा है। इससे कीचड़ और जलभराव की स्थिति में भी श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। साथ ही दूर खड़े श्रद्धालुओं के लिए 40 से अधिक एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर मंचीय कार्यक्रमों के साथ प्रभु दर्शन प्रसारित किए जाएंगे। भावना एस्टेट रोड पर यथार्थ हास्पिटल से राम रघु आनंद तक का क्षेत्र नो-होर्डिंग जोन रहेगा।