आगरा, जागरण संवाददाता। व्यवस्था परितर्वन के साथ ही ताजनगरी के क्वारंटाइन सेंटर बंद कर दिए गए हैं। अब जिले में एक भी क्वारंटाइन सेंटर नहीं हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के पॉजिटिव पाए जाने या लक्षण मिलने पर लोगों को होम क्वरंटाइन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हो सकते हैं या फिर मेडिकल क्वारंटाइन हो सकते हैं।

बता दें कि ताजनगरी में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 20 अगस्त तक 2421 तक पहुंच गई। इसमें से 282 एक्टिव केस हैं। अब अधिकांश संक्रमितों को होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। जिले में अब एक भी क्वारंटाइन सेंटर नहीं है। प्रशासन ने जो पांच सेंटर बनाए थे, होम क्वारंटाइन सेंटर की सहूलियत देने के बाद उन्हें फिलहाल बंद कर दिया है। हिंदुस्तान कालेज में बना आइसोलेशन और मेडिकल वार्ड सक्रिय है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अप्रैल में 24 क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे। जिन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलते थे, उन्हें इन सेंटरों में रखा जाता था। मई आखिर तक यह व्यवस्था रही। बाद में सरकार ने होम क्वारंटाइन की छूट दी, जिसके बाद क्वारंटाइन सेंटरों की जरूरत कम पड़ने लगी। इसको देखते हुए जून के पहले सप्ताह में सिर्फ पांच सेंटर ही रखे गए। ये भी शुरू नहीं किए गए थे। सिर्फ जरूरत पड़ने के लिए ही तैयार किया गया था। मगर, लंबे समय तक इनकी जरूरत नहीं पड़ी तो इन्हें भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।

ये बनाए गए थे पांच क्वारंटाइन सेंटर

लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन, वाटर वक्स चौराहा स्थित अग्रवन, कैलाशपुरी स्थित सचदेवा मिलेनियम स्कूल, बमरौली कटारा स्थित हेरीटेज इंस्टीट्यूट आफ होटल एंड टूरिज्म, बमरौली कटारा स्थित कृष्णा पीजी कालेज

जून में पांच क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए थे। इनकी जरूरत नहीं पड़ी। इसलिए फिलहाल ये बंद हैं।

जे. रीभा, सीडीओ 

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