आगरा, जेएनएन। ब्रज की होली की बात होते ही बरसाना की लठामार होली का दृश्य आंखों के सामने छा ही जाता है। आसमान में उड़ता अबीर-गुलाल होली की मस्ती को सतरंगी छटा बिखेरता है। प्रशासन होली पर रंगोत्सव मना रहा है। बरसाना में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ब्रज की होली को जीवंत करने की कोशिश की जाएगी।

ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सभागार में हुई बैठक में रंगोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाना चाहिए, जिसे वर्षों तक लोग याद रखें। लठमार होली और रंगोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि पर्यटन विभाग को राधा बिहारी इंटर कॉलेज बरसाना में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना है। उप्र. तीर्थ विकास परिषद को ब्रज के मंदिरों की आकर्षण सजावट करानी होगी। लोक निर्माण विभाग को बरसाना पहुंचने के सभी रास्ते दुरुस्त कराने होंगे। अपर खंड आगरा नहर गोवर्धन ड्रेन के सफाई कार्य, मंदिर समिति लाडली के मंदिर की फूलों से सजावट, सांस्कृति विभाग मंचीय कार्यक्रम, शोभा यात्रा, बच्चों की प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग रंगीली गली, प्रिया कुंड एवं अन्य प्रमुख स्थानों की सजावट, तीर्थ विकास परिषद एवं सांस्कृतिक विभाग लोकनृत्य समूहों को आमंत्रण करेंगे। सूचना विभाग होर्डिंग्स, एलईडी, की व्यवस्था करनी होगी। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण रंगीली चौक पहुंचने वाले मार्ग, नाली मरम्मत, रंगाई- पुताई का कार्य पूर्ण कराएगा। एमवीडीए के उपाध्यक्ष नागेंद्र प्रताप ने बरसाना, नंदगांव, मथुरा, बलदेव की होली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नौ मार्च को द्वारिकाधीश मंदिर से होली का डोला नगर भ्रमण को जाएगा। 10 मार्च को द्वारिकाधीश मंदिर में टेसू के फूल, अबीर गुलाल की होली। 10 मार्च को ही संपूर्ण मथुरा में अबीर-गुलाल, रंग की होली खेली जाएगी। 11 को दाऊजी का हुरंगा, इसी दिन गांव मुखराई में चरकुला नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गांव जाब में हुरंगा आयोजित किया जाएगा। एसएसपी शलभ माथुर, एडीएम फाइनेंस ब्रजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक डॉ. ब्रजेश सिंह, एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव, महावन हनुमान प्रसाद, पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा मौजूद रहे।

चतुर्वेदी समाज की होली का अलग रंग

मथुरा के चतुर्वेदी समाज की होली का रंग भी जुदा है। समाज के हजारों लोग भांग छान होली की मस्ती में पूरे ब्रजवासियों को भी झुमाएंगे। गोकुल में होली का तीसरा ही रंग होगा। यहां कान्हा पर ग्वालिन छड़ी बरसाएंगी और कान्हा ग्वाल बालों के संग झूमते गाते होली खेलते नजर आएंगे। कान्हा के रूप में छोटे-छोटे बच्चे छड़ी मार होली खेलेंगे।

कपड़ा फाड़ होली देगी आनंद

जब हर जगह होली होगी तो बलदाऊ जी भी कहां पीछे रहने वाले हैं। गोकुल में मैया रेवती और बलराम के आंगन में हुरियारिन टेसू के बरसते रंगों के बीच हुरियारों के कपड़े फाड़ कोड़े बरसाएगीं। बलदेव का ये हुरंगा विश्व प्रसिद्ध है। 

Posted By: Tanu Gupta

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