आगरा, जागरण्‍ा संवाददाता। डीजी जेल एवं नोडल अधिकारी आनंद कुमार ने मोटिवेशनल स्‍पीकर केतन गावड के साथ अपने अधिनस्‍थों को सुझाय तनाव दूर करने के उपाय। बताया गया कि रोज सुबह उठकर दिनभर के कार्यों को प्‍लान कर लें। इससे अत्‍याधिक दवाब से बचे रहेंगे।

मंगलवार को जेपी सभागार, खंदारी परिसर में स्‍ट्रेस मैनेजमेंट कार्यशाला आयोजित की गई। मुंबई से आए मोटिवेशनल स्‍पीकर ने कहा कि विचारों की दुनिया असीमित है। यदि इनपर नियंत्रण रखा जाए तो बेकार की परेशानियों से बचे रहेंगे। यदि हर सुबह उठने के बाद यह मान लें कि आज का दिन ही जीवन का आखिरी दिन है और जीवन के प्रमुख पांच कार्यों को पूर्ण करने का विचार कर लें तो उत्‍साह और ऊर्जा से वो दिन गुजारा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि पानी और पत्‍थर के युद्ध में हमेशा पानी ही जीतता है जबकि पत्‍थर पानी से भारी होता है। दोनों में अंतर ठहराव और गति का है। इसलिए जीवन की गति को सतत प्रक्रिया मानकर निरंतर चलते रहना चाहिए।

डीजी जेल ने कहा कि कमी व्‍यवहारिक ट्रेनिंग में है। पुलिसकर्मी अधिक शिक्षित होते हुए भी होटलकर्मियों की तरह व्‍यवहार कुशल नहीं होते। बेसिक ट्रेनिंग में कमी होने के कारण ऐसा होता है। डीजी जेल ने कार्यशाला के बाद सिकंदरा थाने का निरीक्षण किया। यहां डाक कार्यालय, माल खाना आदि के रजिस्‍टर आदि भी उन्‍होंने देखे।

दिल्‍ली पुलिस सबसे ज्‍यादा तनाव में

मोटिवेशन स्‍पीकर चेतन ने जागरण को बताया कि दिल्‍ली पुलिसकर्मी सबसे ज्‍यादा तनाव में रहते हैं। वे अब तक तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ संवाद कर चुके हैं। जहां भी गए हैं सबसे ज्‍यादा तनाव दिल्‍ली पुलिस में दिखा।

 

Posted By: Tanu Gupta

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप