यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अधिवक्ता के पिता के हत्यारोपितों को 72 घंटे बाद भी गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम
शाहगंज के भोगीपुरा बाजार में दो नवंबर को गोली मारकर की गई थी हत्या हत्याकांड में 11 लोगों को किया गया है नामजद

आगरा, जागरण संवाददाता। शाहगंज के भोगीपुरा में अधिवक्ता के पिता की गोली मारकर हत्या करने के आरोपितों को पुलिस 72 घंटे बाद भी गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। घटना के कुछ देर बाद आरोपित जिस तरह परिवार समेत फरार हुए, आशंका है कि हत्याकांड की साजिश पहले से रची जा रही थी। वहीं, आरोपितों की गिरफ्तारी न होने से वकीलों में आक्रोश है।
भोगीपुरा मुख्य बाजार में दो नवंबर की शाम को राम बहादुर मुदगल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के पीछे दुकानों पर कब्जे का विवाद है। राम बहादुर का चचेरा भाई तारकेश्वर पक्ष मुख्य सड़क पर बनी दुकानों पर कब्जा करना चाहता था। उसे वक्फ की संपत्ति बताते हुए दुकानदारों से किराया वसूलने का प्रयास कर रहा था।
पहले से चल रहे विवाद ने 10 अक्टूबर को मिष्ठान विक्रेता से किराया वसूलने की घटना के बाद से तूल पकड़ लिया। तारकेश्वर, शिवांशु आदि ने हमला बोल दिया। ताबड़़तोड़ फायरिग करके दोनों की हत्या कर दी थी। राम बहादुर के बेटे अधिवक्ता महान मुदगल ने मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें तारकेश्वर, शिवांशु, प्रशांत पचौरी, सैय्यद उर्फ शानू, राहुल पचौरी, विकास पचौरी, मुकेश शर्मा , सुमित पालीवाल, राजीव, अनिल व रेखा को नामजद किया है। घटना के बाद से सभी आरोपित फरार परिवार समेत फरार हैं।
पुलिस उनकी गिरफ्तारी को दबिश दे रही है। अभी तक एक भी आरोपित हाथ नहीं आया है। पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ की, लेकिन आरोपितों का सुराग नहीं मिल सका। हत्याकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपितों को पकड़ने में नाकाम रही है। एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि हत्यारोपितों की पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई हैं। उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
