आगरा, जागरण संवाददाता। एसएन मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना को मात दे चुके मरीजों का प्लाज्मा लिया जा सकेगा। यह प्लाज्मा कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने के काम आएगा। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च आइसीएमआर से अनुमति मांगी है।

कोरोना पॉजिटिव मरीजों के फेफडों में संक्रमण होने पर प्लाज्मा थैरेपी से इलाज किया जा रहा है। मगर, यह सुविधा कुछ ही सेंटरों पर है। आगरा में उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक 843 मरीज हैं, 707 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। ऐसे में कोरोना को मात दे चुके मरीजों का प्लाज्मा कोरोना पॉजिटिव की जान बचाने में काम आ सकता है। एसएन की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ नीतू चौहान ने बताया कि आइसीएमआर से कोरोना पॉजिटिव का प्लाज्मा लेने की अनुमति मांगी गई है। कोरोना से ठीक हो चुके मरीज 28 दिन बाद प्लाज्मा दे सकते हैं। 400 से 450 एमएल प्लाज्मा लिया जाता है। यहां से प्रदेश के अन्य केंद्रों पर प्लाज्मा की आपूर्ति की जा सकेगी।

एसएन के सर्जरी विभाग में शिफ्ट होगा स्त्री रोग विभाग

एसएन के स्त्री रोग विभाग की बिल्डिंग को आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है, इसे लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय में शिफ्ट की दिया था। वहां पहले से ही अधिक मरीज हैं, इससे समस्या आ रही थी। ऐसे में स्त्री रोग विभाग को एसएन की नई सर्जरी बिल्डिंग में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है।

प्रयास ने दिए 300 केएन 95 मास्‍क 

लॉयंस क्‍लब प्रयास ने एसएन मेडिकल कॉलेज को 300 केएन 95 मास्‍क दान किये हैं। साथ ही आगे भी मदद का आश्‍वासन दिया। इससे पूर्व क्‍लब ने भोजन के 11000 पैकेट दान किये थे। 

एसएन को दिए गए दो एसी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रयास मिलन व सहयोगी शाखाओं द्वारा एसएन के प्राचार्य डॉ संजय काला को दो एसी दिए गए। ​​इन्हें कोविड वार्ड में डयूटी करने वाले डॉक्टर और स्टाफ के कमरों में लगाया जाएगा। डॉ म्रदुल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। 

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021