आगरा, मृत्युंजय शुक्ला। उम्र 95 वर्ष, लाठी का सहारा। लेकिन मताधिकार को लेकर जज्बा ऐसा कि बूथ पर मतदान के लिए सबसे पहले पहुंच गए। ये हैं मथुरा के नई बस्ती निवासी मुन्ना। कहते हैं मतदान हमारा अधिकार है और कर्तव्य भी। मताधिकार को लेकर मुन्ना का ये जज्बा प्रेरित करने वाला है। खासकर उन लोगों के लिए जो अब तक मतदान के लिए नहीं निकले। अगर आप आज के दिन को छुट्टी का दिन समझकर घर पर बिताने जा रहे हैं तो ये तस्वीरें आपकी आंखें खोल देंगी।

मुन्ना ऐसे अकेले नहीं है, तमाम लोग है, जिनके मतदान के प्रति जोश और जज्बे ने युवाओं को भी पीछे छोड़ दिया है।

नई बस्ती निवासी मुन्ना के साथ ही शहजाद भी वोट देने पहुंचे। शहजाद विकलांग हैं लेकिन सुबह साढ़े सात बजे वह मतदान केंद्र पर थे। ठीक से चलने फिरने में असमर्थ शहजाद लाठी के सहारे बूथ पर पहुंचे और मताधिकार का प्रयोग किया। शहजाद कहते हैं देश की तरक्की और खुशहाली के लिए वोट किया। हर वोट कीमती होता है। एक वोट से सरकार बनती और बिगड़ती है। इसलिए सभी को मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

आगरा के बमरौली कटारा में 90 वर्षीय हीरालाल का मतदान के प्रति जज्बा भी काबिलेतारीफ है। सुबह सात बजे ही वोट डालने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि बेहतर शिक्षा, रोजगार और देश के विकास के मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट किया। कहा कि सभी को मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

एक और तस्वीर पर गौर कीजिए। मजबूत लोकतंत्र की ये एक खूबसूरत तस्वीर है। व्हील चेयर पर दिखाई दे रही महिला हैं सईदन। सईदन की उम्र 105 साल है। मताधिकार के प्रति जज्बा ऐसा कि व्हील चेयर से वोट डालने पहुंची। आगरा के एंग्लो गल्र्स इंटर कॉलेज में अपने 70 वर्षीय बेटे हनीफ के साथ वोट डालने पहुंची सईदन ठीक से बोल नहीं पा रहीं। उनके साथ आए लोगों ने बताया कि सईदन हर चुनाव में वोट जरूर डालती हैं। 

आगरा रामफूली भले ही शतायु के लिए अभी चार वर्ष पीछे हैं लेकिन मतदान के प्रति उनके जोश की कोई बराबरी नहीं कर सकता हे। हाथों में लाठी लिए 96 वर्षीय रामफूली जब मतदान केंद्र पहुंची तो युवा उनके जोश को देखते रह गए। 

72 कृष्‍ण मुरारी भगत व्‍हील चेयर पर अपने बेटे शिशिर भगत के साथ मतदान के लिए पहुंचे। लंबे समय से अस्‍वस्‍थ चल रहे कृष्‍ण मुरारी के चेहरे पर मतदान के प्रति उत्‍साह हर किसी के लिए प्रेरणा बन रहा था। कृष्‍ण मुरारी ने बताया कि जब से मतदाता की आयु पर पहुंचे बस तभी से हर चुनाव में अपने मत का प्रयोग करने का निश्‍चय कर लिया था।   

बूथ पर सबसे पहला वोट डालने का क्रेज

बैप्टिस्ट स्कूल में सुरेश कुमार ने बूथ पर सबसे पहला वोट डाला। सुरेश ने बताया कि वह साढ़े छह बजे ही बूथ पर आ गए थे। पहले ही तय कर लिया था, पहले मतदान करेंगे उसके बाद जलपान।

राजामंडी बूथ पर दीप कुमार गर्ग ने सबसे पहला वोट डाला। दीप ने बताया कि इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बूथ पर सबसे पहला वोट डाला था। 

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