आगरा, जागरण संवाददाता। मलपुरा के मिढ़ाकुर में 21वीं सदी में हुई एक घटना ने 18वीं सदी में होने वाली अमानवीय घटनाओं को ताजा कर दिया।महिला को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत पर कोरोना संक्रमित होने की आशंका थी। ससुराल वाले उसे डॉक्टर की जगह तांत्रिक के पास ले गए। तांत्रिक ने बुखार उतारने के नाम पर महिला के बालों से पकड़कर बुरी तरह घसीटा। उसे कई पटनके बाद शरीर को चाकू से गोदा। इसका वीडियाे महिला के भाई को मिला तो उसके होश उड़ गए, गुरुवार की शाम को थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी।पुलिस ने तांत्रिक और महिला के नंदोई और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया। मामले में तांत्रिक, नंद-नंदोई और भांजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।    

शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले दंपती की मलपुरा के सिरौली इलाके मेंं जमीन है। उनके कुछ रिश्तेदार भी यहां रहते हैं। पति का लीवर और किडनी खराब है। वह दो महीने पहले अपना इलाज कराने पत्नी और बच्चों को साथ लेकर आगरा आया था। इस दौरान लॉकडाउन होने पर दंपती सिरौली में अपनी रिश्तेदारी में रुक गए। एक महीने पहले महिला काे तेज बुखार आया। महिला के भाई के अनुसार उसे 103 से 104 डिग्री बुखार था। ससुराल वाले उसे पैरासीटामोल देते। इससे बुखार कम हो जाता, कुछ घंटे बाद तापमान फिर बढ़ जाता। महिला ने सांस लेने में दिक्कत होने की बात बताया। यह लक्षण कोराेना के होते हैं।

भाई के अनुसार इसके बावजूद उसकी बहन की ननद, नंदोई और उनका भांजा उसे डॉक्टर के पास लेकर नहीं गए।बहन को मिढ़ाकुर में तांत्रिक राहुल के पास लेकर गए। उसने प्रेत का साया बताते हुए उतारने की कहा। बहन के विरोध करने पर उसके बाल पकड़कर बुरी तरह से घसीटा। कई बार जमीन पर पटक दिया। सिर्फ यही नहीं प्रेत को काबू में करने के नाम पर महिला की पीठ पर चाकू से भी निशान बनाए। भाई के अनुसार वह मथुरा में लोक निर्माण विभाग में लिपिक है। गुरुवार की सुबह उसके पास तांत्रिक द्वारा बहन के इलाज के नाम पर मारपीट करने का वीडियाे आया तो हाेश उड़ गए। वह गुरुवार की शाम को आगरा पहुंचा। बहन से बातचीत करने पर पता चला कि उसे अभी तक डॉक्टर को नहीं दिखाया है।

इसके बाद उसने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने दबिश देकर तांत्रिक राहुल, महिला के नंदोई अभिषेक और भांजे आकाश को गिरफ्तार कर लिया। एसपी रवि कुमार ने बताया कि मामले में गिरफ्तार तीनों के अलावा महिला की ननद के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।

बच्चों ने मामा काे भेजी थी वीडियो तो खुला राज

सोशल मीडिया में वायरल हुई वीडियो एक महीने पुरानी बतायी गयी है। महिला के भाई के अनुसार यह वीडियो आरोपित आकाश ने बनाई थी। महिला के एक बेटा-बेटी हैं। उनकी उम्र 10 और 12 साल है। एक महीने बाद भी जब मां की हालत में सुधार नहीं हुआ। उसका बुखार पूरी तरह से नहीं उतरा तो बच्चों ने तांत्रिक के इलाज करने की वीडियाे मथुरा में रहने वाले अपने मामा के पास फारवर्ड कर दी। उन्हें मैसेज किया कि मां की तबीयत खराब है। वीडियो देखकर भाई के होश उड़ गए। वह भागकर आगरा आ गया। इसी के बाद वीडयो सोशल मीडिया में भी वायरल हाे गया।

दहशत में है महिला

तांत्रिक द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार से महिला बुरी तरह दहशत में है। तांत्रिक का नाम आते ही वह डर जाती है। उसने पुलिस को बताया कि तेज बुखार के चलते उसे होश नहीं था। बुखार और अर्ध बेहोशी की हालत में पता नहीं क्या बक रही थी। उधर, तांत्रिक उस पर प्रेत का साया बताते हुए बाल पकड़कर घसीट रहा था। दर्द होने पर वह चीखकर उससे खुद को छुड़ाने का प्रयास करती तो वह जमीन पर पटक देता था। इससे वह इतना डर गयी कि तांत्रिक जो कुछ कहता गया वह उसकी हां में हां करती चली गयी।

चार घंटे तक नहीं आयी एंबुलेंस  

स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर एक बार फिर सवाल उठ गया है। महिला के स्वजनों ने बताया कि उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। इस दौरान करीब आधा घंटे तक उनका मोबाइल होल्ड पर रखा गया। उन्होंने एंबुलेंस सेवा को बताया कि महिला कोरोना संदिग्ध है। उसे अस्पताल लेकर जाना है। इसके बावजूद चार घंटे तक एंबुलेंस नही आयी।स्वजन महिला काे अपनी कार से मेडिकल कराने के लिए अस्पताल लेकर गए।

पांच साल से तंत्र-मंत्र कर रहा था राहुल  

महिला का बुखार उतारने के नाम पर उसके साथ अमानवयी व्यवहार करने वाला तांत्रिक राहुल पांच साल से गांव में तंत्र-मंत्र कर रहा था। वह सिर में दर्द, भूत-प्रेत, मिर्गी आदि की झाड़ फूंक का इलाज से दावा कर रहा था। कई बार उसके घर पर हंगामा हो चुका है। झाड़़-फूंक से सही नहीं होने पर कई बार ग्रामीण उसके दरवाजे पर झगडा करने भी पहुंचे थे। इसके चलते वह कई बार विवादों में रहा है।    

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा  

323:मारपीट करना,अधिकतम एक साल तक की सजा का प्रावधान

354क: किसी महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना।इसमें एक साल तक की सजा है।

506: धमकी देना, इसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान है।

508:व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवीय अप्रसाद भाजन या उसके कोप का भागी होगा।इसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है।

5/7: औषधि चमत्कारिक उपचार अधिनियम

Posted By: Tanu Gupta

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