आगरा (जेएनएन)। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  जब इस दुनिया में थे, तब तक उनकी डिग्री रहस्य बनी रही। आगरा विवि से लेकर कानपुर तक कवायद होती रही पर डिग्री न मिली। अटलजी के दुनिया से जाने के चंद दिनों बाद ही रिकॉर्ड सामने आ गया। राज्यपाल राम नाइक ने फरह में पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो अनुसंधान संस्थान के दीक्षा समारोह मंच से खुद डिग्री का ब्योरा दिया। वहीं शाम को आंबेडकर विवि के कुलपति ने भी यह रिकॉर्ड सार्वजनिक किया। 

डिग्री पर उठे सवालों का सुबूत के जवाब

वेटेरिनरी विवि के दीक्षा समारोह में कुलाधिपति व राज्यपाल राम नाइक ने भारत रत्न पं. अटल बिहारी वाजपेयी की डिग्री पर उठे सवालों का सुबूत के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज कानपुर की डिग्री बुक मिली है। तब डिग्री पाने वालों का इसी तरह रिकार्ड रखा जाता था। इसमें अटल बिहारी लाल वाजपेयी के नाम से पं. अटल बिहारी वाजपेयी को 1947 में एमए की डिग्री प्रदान की गई थी। उनका रोल नंबर 561 और नामांकन संख्या थी ए-432055। इसी सत्र में उनके पिता कृष्ण बिहारी लाल वाजपेयी ने यहां से एलएलबी उत्तीर्ण की थी। उनका रोल नंबर 167 और नामांकन संख्या ए-453598 थी। राज्यपाल ने बताया कि कानपुर में कृषि विश्वविद्यालयों के सम्मेलन में उनसे अटल जी की डिग्री को लेकर सवाल पूछा गया था। उसका जवाब वह उस समय नहीं दे सके, कारण सुबूत नहीं थे।

पुराने रिकॉर्ड सहेजने की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि मैंने आंबेडकर विवि आगरा से रिकॉर्ड ढूढऩे को कहा था। उन्होंने आंबेडकर विवि के कुलपति अरविंद दीक्षित की ओर इशारा करते हुए कहा कि पुराने रिकॉर्ड सहेजे जाने की जरूरत है। दीक्षा समारोह के बाद शाम चार बजे आंबेडकर विवि आगरा के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने पूर्व प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड को सार्वजनिक किया। उन्होंने कुलसचिव केएन श्रीवास्तव को जिम्मा दिया था। 10 दिन की मेहनत के बाद उन्हें 1947 के छात्रों की डिग्री बुक मिली। इस बुक में पेज नंबर 20 पर अटलजी का रिकॉर्ड है। 1947 में राजनीति शास्त्र में उन्होंने एमए किया था। इस किताब में पेज नंबर 110 पर अटलजी के पिताजी कृष्ण बिहारीलाल वाजपेयी का भी रिकॉर्ड है। द्वितीय श्रेणी में उन्होंने एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। 

Posted By: Nawal Mishra