आगरा(ज्योत्यवेंद्र दुबे): मैनपुरी में हाईवे चौड़ीकरण के लिए शासन ने पेड़ काटने की सशर्त अनुमति दे दी है। शर्त के मुताबिक, पेड़ कटान के दोगुने क्षेत्रफल में पौधरोपण कराना पड़ेगा। जिले में इसके लिए जगह न मिलने पर ये पौधरोपण अब फीरोजाबाद जिले में कराया जाएगा।

मैनपुरी में कुल 1400 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र है। 98 हेक्टेयर क्षेत्रफल आरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ कटान होना है। इसकी एवज में नियमानुसार करीब दो सौ हेक्टेयर जमीन में पौधरोपण कराया जाना है। हरियाली के नजरिए से जिले के आरक्षित क्षेत्र में अब एक पौधा भी रोपने की जगह नहीं बची है। वन विभाग ने अचलपुर में ग्राम समाज की करीब 100 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की है, मगर शासन ने इसके लिए अनुमति नहीं दी। वन विभाग को फीरोजाबाद जिले के जसराना क्षेत्र में चिन्हित जमीन पर पौधरोपण की अनुमति मिल पाई है। हालाकि पर्यावरणविद् सवाल उठा रहे हैं कि फीरोजाबाद में लगे पौधों से मैनपुरी को कोई लाभ नहीं होगा। इनका रोपण यहीं किया जाना चाहिए था।

ग्राम समाज की जमीन मिल जाए: ग्राम समाज की जमीन पर पौधरोपण की अनुमति का प्रस्ताव एक साल से लंबित है। हालाकि इस जमीन पर पौधरोपण कराने के पाच साल बाद ग्राम समाज विकास के नाम पर पेड़ कटान करा सकती है। ऐसे में वन विभाग के हाथ बंध जाते हैं। मैनपुरी में नहीं मिली जमीन:

मैनपुरी में जमीन न मिलने के चलते नियमानुसार करीबी जिले का चयन करना पड़ा। जिसके लिए फीरोजाबाद में हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है। वहीं पौधरोपण कराया जाएगा।

- सिद्धार्थ अंबेडकर, सामाजिक वानिकी एवं वन प्रभाग मैनपुरी।

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