आगरा, जागरण संवाददाता। जिले को खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में एक और पहल हुई। नए बेसलाइन सर्वे में चिह्नित परिवारों में 19 हजार का डाटा वेबसाइट पर फीड कर दिया गया है।

बेसलाइन सर्वे के अनुसार 3.14 लाख शौचालय बनाए जाने थे। पंचायत राज विभाग ने जिले की 695 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 945 गांवों में ये शौचालय बना लिए और जिले को पूरी तरह बीते वर्ष 5 नवंबर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया।

बाद में फिर नया बेसलाइन सर्वे हुआ। इस सर्वे में शौचालय विहीन 35,850 परिवार चिह्नित किए गए। इनमें जिला स्तर से 19,194 परिवारों के नाम भारत सरकार की वेबसाइट पर फीड कर दिए गए हैं। इन्हें एक सप्ताह में शौचालय बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में छह हजार रुपये की धनराशि जारी की जाएगी। फिलहाल वेबसाइट बंद हो गई है। वेबसाइट खुलते ही बाकी के परिवारों का डाटा भी फीड किया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के समन्वयक गौरव कुमार ने बताया कि जितने नए परिवारों का डाटा फीड हो गया है, उन्हें पहली किस्त दी जा रही है। बाकी का नाम बाद में फीड होगा। छोटे घर को बड़ा दिखाने के लिए ले रहे इंटीरियर डिजाइनर की सलाह : शहरीकरण में मकानों का आकार पहले के मुकाबले कम होता जा रहा है। प्रॉपर्टी की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोग अफोर्डेबल हाउस की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को कम जगह में ज्यादा सामान रखने की जरूरत होती है। इसके लिए इंटीरियर डिजाइनरों की सलाह काफी फायदेमंद साबित हो रही है।

छोटे घर की सजावट करना किसी टास्क से कम नहीं। आज के समय लोग डेकोरेशन के लिए नए-नए प्रयोग करते हैं। घरों की दीवारों को आकर्षक दिखाने के लिए वॉलपेपर का इस्तेमाल बढ़ गया है। इसमें थीम बेस्ट वॉलपेपर की मांग ज्यादा है। इंटीरियर डिजाइनर वरुण कुंद्रा ने बताया कि दीवारों की रौनक बढ़ाने के लिए पसंदीदा वॉलपेपर लगवा सकते हैं। ये कई पैटर्न में मौजूद हैं। सामान्य पेंट के मुकाबले यह ज्यादा आकर्षक भी है। किचन, बेडरूम और लॉबी में ग्लास वॉल का उपयोग करने से जगह ज्यादा दिखती है। सही रंगों का करें चयन

घर लंबा और खुला-खुला दिखे, इसके लिए दीवारों में हल्के शेड्स वाले पेंट का इस्तेमाल करें। साथ ही एक ही रंग के अलग-अलग शेड्स का भी प्रयोग कर अपने घर को सुंदर बना सकते हैं। कालीन खरीदते वक्त रखें ध्यान

छोटे घर के लिए कालीन खरीदते वक्त ध्यान में रखें कि उसका आकार गोल हो। कमरे को बड़ा दिखाने के लिए फर्श पर गोल आकार का कालीन या दरी बिछानी चाहिए। सर्दियों में इन बातों पर दें ध्यान

इंटीरियर डिजाइनर राघवेंद्र कटारिया ने बताया कि सर्दियों में सबसे जरूरी है कि घर की खिड़किया-दरवाजे दुरुस्त हों। ठंड में इनका ठीक से बंद न हो पाना ठंडी हवाओं के साथ बीमारिया ला सकती हैं। सर्दी में लोग उदासी से घिर जाते हैं। इसे आसानी से दूर किया जा सकता है। घर के पर्दे चादर, कुशन और सोफा के रंगों में बदलाव करें। ब्राइट रंग चुनें ताकि आखों को भी अच्छा लगे।

Posted By: Jagran

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