आगरा ग्वालियर रोड की 12 कालोनियों पर 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना, सीवेज बहाने पर NGT सख्त
आगरा के ग्वालियर रोड पर 12 कॉलोनियों को सड़क पर सीवेज बहाने के लिए यूपीपीसीबी ने 1.48 करोड़ रुपये का ...और पढ़ें

एनजीटी।
जागरण संवाददाता, आगरा। ग्वालियर रोड की 12 कालोनियाें पर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने सड़क पर सीवेज बहाने के मामले में 1.48 करोड़ रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा 21 अगस्त को हुई सुनवाई में यूपीपीसीबी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जताई गई थी।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने एनजीटी में शपथ पत्र दाखिल कर कालोनियों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने की सिफारिश लखनऊ मुख्यालय को किए जाने की जानकारी दी है। एडीए ने शपथ पत्र दाखिल कर दो चरणों में बनाए जाने वाले नालों से उपचारित सीवेज और वर्षा जल को लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई जाने वाली ट्रंक ड्रेन में छोड़ने की जानकारी दी है।
ग्वालियर रोड पर बनी आवासीय कालोनियों के सीवेज के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने से रोड पर जलभराव की समस्या रहती है। पूर्व सैनिक रविंद्र सिंह ने समस्या के निस्तारण को एनजीटी में याचिका दायर कर रखी है। इसमें दो नवंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन उससे पूर्व एडीए और यूपीपीसीबी ने एनजीटी में शपथ पत्र दाखिल किए हैं।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने एनजीटी को अवगत कराया है कि विभाग ने पिछले वर्ष 19 अगस्त को 13 कालोनियों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद किए गए निरीक्षण में सैंथिया एस्टेट कालोनी में व्यवस्था सही मिली। 12 कालोनियों पर 1.48 करोड़ रुपये की पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने की सिफारिश 24 अक्टूबर को लखनऊ मुख्यालय को की गई है।
एडीए ने शपथ पत्र दाखिल कर अवगत कराया है कि ग्वालियर रोड पर कालोनियां अलग-अलग जगह बनी होने से उनके उपचारित सीवेज व ड्रेनेज के निस्तारण को एक नाला बनाए जाने से काम नहीं चल सकता है। फेज वन में गढ़ी ठाकुरदास रोड पर एक तरफ 1400 मीटर लंबा और फेज दो में बमरौली रोड पर दोनों तरफ 600 मीटर नाला बनाकर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
फेज-टू में रोड के दोनों ओर बनाए जाने वाले 600 मीटर नाले का निर्माण 2.10 करोड़ रुपये की लागत से होगा। फेज-वन में बनने वाले 1400 मीटर नाले का निर्माण 3.75 करोड़ रुपये से होगा। इसके लिए टेंडर किए जा चुके हैं।
उपचारित सीवेज और वर्षा जल को लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई जाने वाली ट्रंक ड्रेन में छोड़ा जाएगा। लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और उप्र जल निगम से उचित जल निकासी की व्यवस्था को समन्वय किया जा रहा है।
इन कालोनियाें पर जुर्माना
कालोनी, जुर्माना अवधि, जुर्माना (रुपये में)
- दीक्षा द्वारिका कालोनी, 199 दिन, 12.43 लाख
- दीक्षा एस्टेट कालोनी, 192 दिन, 12 लाख
- अनुपम शौर्य विहार कालोनी, 199 दिन, 12.43 लाख
- गौरी कुंज कालोनी, 206, 12.87 लाख
- द्वारिका ग्रीन-2 कालोनी, 196 दिन, 12.25 लाख
- द्वारिका रेजीडेंसी कालोनी, 195 दिन, 12.18 लाख
- विनायक टाउन कालोनी, 192 दिन, 12 लाख
- गणपति एन्क्लेव कालोनी, 193 दिन, 12.06 लाख
- सिल्वर टाउन कालोनी, 204 दिन, 12.75 लाख
- सिल्वर वैली कालोनी, 204 दिन, 12.75 लाख
- सिल्वर वाटिका कालोनी, 193 दिन, 12.06 लाख
- सिल्वर गोल्ड कालोनी, 204 दिन, 12.75 लाख
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।