आगरा(जागरण संवाददाता): नारद मुनि की तपोभूमि रहे नारखी क्षेत्र में मंगलवार को दैनिक जागरण के जय किसान अभियान का शोर सुनाई दिया। ब्लॉक परिसर में लगे मेले में प्रदेश के पशुधन मंत्री प्रो. एसपी ¨सह बघेल ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हरित और सफेद क्रांति के दूसरे चरण चलाए जाने की जरूरत है। दोगुनी आय केवल खेती के बलबूते नहीं होगी, बल्कि किसानों को फिर से पशुओं को अपना मित्र बनाना होगा। उन्होंने किसानों को तरक्की के रास्ते सुझाए।

कृषि विभाग और प्रशासन के सहयोग से आयोजित किसान मेले में बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा देश जब आजाद हुआ था तब बड़ी जोत (खेत) होने के बाद भी पेट भरने लायक अनाज पैदा नहीं होता था, लेकिन आज जोत छोटी होने के बाद भी हम आत्म निर्भर हुए हैं तो यह वैज्ञानिक विधि और तकनीक के कारण हुआ है। हरित क्रांति ने हालात बदल दिए। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का सपना देखा है, लेकिन यह केवल खेती के बूते नहीं होगा। क्योंकि न तो उत्पादन दोगुना न भाव डबल होगा।

किसानों को आय दोगुनी करने के लिए मछली पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी, दुग्ध उत्पादन जैसे कार्य करने होंगे। मंत्री ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने खुद भी मछली पालन शुरू कर दिया है। उन्होंने किसानों से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपील की। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि जागरण और कृषि विभाग ने मिलकर जो मुहिम छेड़ी है, किसानों को इसका फायदा उठाना चाहिए। किसान इस मेले से नया ज्ञान और संकल्प लेकर जाएं। दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी अवधेश कुमार गुप्त ने मृदा परीक्षण पर जोर देते हुए किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि यदि किसान चाहेंगे तो दैनिक जागरण प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक मृदा परीक्षण लैब स्थापित कराने में मदद करेगा। बकरी अनुसंधान केंद्र मथुरा के वैज्ञानिक डॉ विजय कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर निदेशक डॉ तेज प्रताप ¨सह, प्रगतिशील किसान राजेश प्रताप बूली ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश पाराशर ने किया। उपकृषि निदेशक हंसराज, सीवीओ डॉ. प्रभंजन शुक्ला, बीडीओ महेशचंद्र त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, डिप्टी पीडी आत्मा संतोष शर्मा मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप