आगरा, जागरण संवाददाता। दो साल हो गए कोरोना वायरस संक्रमण से जूझते हुए। अब अंदेशा तीसरी लहर आने का है। यह वायरस खासतौर पर नाक और मुंह के जरिए ही शरीर के अंदर प्रवेश करता है। जरूरी है कि हम अपनी तरफ से सावधानी बरतें। विशेष तौर पर मुंह की सफाई जरूरी है। यदि ये ध्‍यान दे दिया तो न केवल कोरोना बल्कि इसके साथ हो रहे तमाम फंगस वाले जानलेवा रोगों से भी बचा जा सकता है।

नेशनल ओरल हाइजीन डे के अवसर पर डेंटिस्‍ट डा. नेहा सक्‍सेना का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की दो लहरों ने बूढ़ों, बच्चों और व्यस्क लोगों को अपनी चपेट में लिया है। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को अपना शिकार बना सकती है। ऐसे में सभी को अपने मुंह की स्वच्छता का खास ध्यान रखना होगा। जिससे कोरोना संक्रमण के बाद होने वाली खतरनाक बीमारियां जैसे ब्लैक फंगस, ग्रीन फंगस, मोनो फंगस जैसी परेशानियों से बचा जा सके। मौखिक स्वच्छता बनाने एवं फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए जरूरी है कि किसी फंगल इंफेक्शन की शुरुआती पहचान की जा सके।

इन बातों का रखें ध्यान

- संक्रमण के दौरान हॉस्पिटल या होम आइसोलेशन के दौरान अपना टूथब्रश, टूथपेस्ट और टंग क्लीनर को घर के बाकी सदस्यों के ब्रश के साथ ना रखें, इससे वायरस बाकी ब्रश में फैलने से रुक जाएगा।

- टूथब्रश को करें डिसिंफेक्ट। बीटाडीन युक्त पानी या माउथवॉश में डुबाकर पांच मिनट तक रखे।

- प्रतिदिन करें तीन से चार बार माउथवॉश से मुंह की सफाई।

ब्लैक फंगस से बचने के लिए

कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान सभी लोग घर से बाहर निकलते समय मास्‍क का प्रयोग कर रहे हैं। ज्‍यादा देर तक मास्‍क पहने रहने से उसके अंदर नमी पैदा हो जाती है। ऐसे में संक्रमण के चांस ज्यादा बढ़ जाते हैं। खासतौर पर लोग इस समय डबल मास्‍क का प्रयोग कर रहे हैं। बेहतर है कि थ्री प्‍लाई लेयर मास्‍क, जो यूज एंड थ्रो है, उसका प्रयोग करें। चाहें तो इसके ऊपर एन-95 भी लगा सकते हैं। जब थ्री प्‍लाई लेयर मास्‍क में नमी आ जाए तो उसे बदल लें। यूज्‍ड मास्‍क को सही ढंग से नष्‍ट करें।

Edited By: Prateek Gupta