आगरा, जागरण संवाददाता। कुख्यात लाखन यादव गैंग के तीन बदमाशों समेत 13 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। हिस्ट्रीशीट खोलने के पीछे मकसद यह है कि जेल से रिहाई के बाद बदमाशों की निगरानी रखी जाए। सिपाही इन बदमाशों के घरों पर लगातार दस्तक दें। यह देखें कि ये क्या कर रहे हैं। किसी अपराध में लिप्त तो नहीं है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद मृत्यु उपरांत ही बंद होती है।

22 जून को मलपुरा क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर राजेश उर्फ राजे की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में लाखन यादव के भाई संतोष यादव और साथियों के नाम आए थे। इसी हत्याकांड में शामिल संतोष यादव, जितेंद्र उर्फ जीते व अशोक की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद अभी तक ये बदमाश मलपुरा थाने के हिस्ट्रीशीटर नहीं थे। इतना ही नहीं लाखन गैंग को रजिस्टर्ड भी कराया जा रहा है। ताकि पुलिस की उस पर हमेशा नजर रहे।

इनकी और खुली हिस्ट्रीशीट

-अपहरण और हत्या में शामिल गैलाना, सिकंदरा निवासी लालू उर्फ मोहित सिकरवार व जॉनी उर्फ सुबोध सिकरवार।

-पेशेवर चोर भैंरो गली, पृथ्वीनाथ शाहगंज निवासी भूरा उर्फ नाजिम व राजेश।

-चेन स्नेचर सोहित निवासी छत्ता।

-कौलारा, डौकी निवासी प्रहलाद व राहुल। चोरी और धोखाधड़ी में माहिर।

-शराब तस्करी में परमान निवासी फतेहपुरसीकरी।

-शाहगंज के संदीप व गब्बर।

 

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