आगरा [नेहा सिंह]। देशभर में यातायात नियमों के उल्लंघन संबंधी नए नियम लागू हो गए हैं। अब नियमों का तोड़ने पर वाहन चालकों को 10 गुना तक ज्यादा जुर्माना देना पड़ेगा। केंद्र सरकार का ध्यान रोड सेफ्टी की तरफ ज्यादा है। मकसद, लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना है न कि रेवेन्यू एकत्रित करना।

चालक वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस पेपर्स, पॉल्युशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस साथ लेकर ही चलें। कागजात की फोटोकॉपी या व्हाट्सएप इमेज मान्य नहीं होगी। सहूलियत के लिए वाहन चालक ‘डिजिलॉकर’ का प्रयोग करें।

यह विचार दैनिक जागरण में ‘यातायात नियमों में बदलाव से आप कहां तक सहमत हैं?’ विषय पर आयोजित विमर्श कार्यक्रम में एआरटीओ प्रशासन अनिल कुमार सिंह ने व्यक्त किए। जुर्माना बढ़ाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि चेन्नई में यातायात की दुरस्त व्यवस्था है। वहां के निवासियों में नियम कानून को मानने की प्रवृत्ति ज्यादा है।

यूपी के वाशिंदे नियमों की अनदेखी करने में पीछे नहीं रहते। अमेरिका में जहां चार चरणों से गुजरने के बाद ड्राइ¨वग लाइसेंस मिलता है, वहीं हमारे यहां यह प्रणाली आसान है। लोग यातायात नियमों की अनदेखी न करें इसलिए जुर्माना बढ़ाया गया है।

वीआइपी नंबर की मांग 50 फीसद घटी

एआरटीओ ने बताया कि जिले में वीआइपी नंबर की मांग आधी रह गई है। पहले जहां गाड़ियों को वीआइपी नंबर देने के लिए विभाग को सात से आठ लाख रुपये महीने मिलते थे। वहीं अब इसके प्रति लोगों का आकर्षण घटा है। हाल में ही नंबर के लिए 16 हजार रुपये की आखिरी बोली लगी थी।

वाहन होगा ऑनलाइन तभी मिलेगा सर्टिफिकेट

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र शहर में कुछ स्थानों पर जारी किए जा रहे हैं, जिनकी अवधि छह माह है। जबकि दिल्ली में यह अवधि सिर्फ तीन माह है। यह सर्टिफिकेट तभी चालकों को मिलेगा जब उनके वाहन के दस्तावेज ऑनलाइन होंगे। आगरा में ज्यादा पुरानी गाड़ियां नहीं हैं। इसलिए लोगांे को सर्टिफिकेट प्राप्त करने में समस्या नहीं आएगी।

ऑनलाइन करें जुर्माने का भुगतान

अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रवर्तन अधिकारी कम होने की वजह से ओवर स्पी¨डग की समस्या अभी दूर नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रतिदिन 25 चालान हो रहे हैं। किसी अन्य जिले से चालान होने पर भी उसका भुगतान यहीं से ऑनलाइन किया जा सकता है। उसके लिए दूसरे जिले के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

दस्तावेजों में अंकित नंबर पर अटैच होगा डिजिलॉकर

एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि सभी दस्तावेजों की हार्ड कॉपी साथ लेकर चलने की बजाए डिजिलॉकर की मदद से दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी अपने मोबाइल पर लेकर चलें। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रलय ने डिजिलॉकर में रखे हुए ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी पेपर्स को मान्य कर दिया है। डिजीलॉकर उसी मोबाइल नंबर पर अटैच होगा, जो नंबर विभाग में जमा दस्तावेजों में अंकित होगा।

एआरटीओ अनिल कुमार

Posted By: Tanu Gupta

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