आगरा, जेएनएन। दुष्कर्म का दर्द झेल रही पीड़िता की रविवार सुबह प्रसव के दौरान मौत हो गई। मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने दुष्कर्म किया था। स्वजनों को जानकारी उस वक्त हुई, जब वह गर्भवती हो गई। गर्भ को अधिक माह हो जाने के कारण गर्भपात से डॉक्टर ने इन्कार कर दिया था। शनिवार को युवती को प्रसव पीड़ा होने पर स्वजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था।

कासगंज के एक गांव में रहने वाली युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात करीब दस महीने पहले घटी। अनाथ बच्ची अपनी छोटी बहनों सहित चाचा के साथ रहती थी। अक्टूबर 2019 में स्वजनों को इसके गर्भवती होने की जानकारी मिली तो उन्होंने पूछताछ की। इस पर पता चला पड़ोस में रहने वाले युवक ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। स्वजनों ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया तथा पुलिस ने आरोपित को जेल भेज दिया, लेकिन मामला स्वजनों के संज्ञान में आने तक करीब पांच माह का गर्भ हो चुका था। ऐसे में गर्भपात जानलेवा होने के कारण डॉक्टर ने भी इन्कार कर दिया। शनिवार को किशोरी को प्रसव पीड़ा हुई तो स्वजन इसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर रविवार सुबह युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर मौके पर एसडीआे ललित कुमार, इंस्पेक्टर डीके दुबे टीम के साथ भी पहुंच गए। उन्होंने स्वजनों एवं चिकित्सकों से बात की।

रातभर दर्द से कराहती रही थी पीडि़ता

शनिवार रात पीडि़ता को स्‍वतन प्रसव पीड़ा होने पर अस्‍पताल लेकर पहुंचे थे। स्‍वजनाें का आरोप है कि दर्द से कराहती उनकी बेटी का डॉक्‍टर्स ने उपचार नहीं किया। मौके पर पहुंची सीएमआेे डॉ प्रतिमा सिंह का कहना था कि पीडि़ता का गर्भावस्‍था के दौरान एक बार भी चेकअप नहीं हुआ था। वो पहले से ही कमजोर थी। शनिवार को उसके स्‍वजन पहली बार उसे लेकर अस्‍पताल आए थे। कमजोरी के कारण प्रसव पीड़ा पीडि़ता सहन नहीं कर पा रही थी।  

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस