आशा भाेसले को हंसते हुए दी श्रद्धांजलि, आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर ने सिंगर का गलत नाम भी बोला
पत्रकार वार्ता के बाद मीडियाकर्मियों ने उनसे पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर प्रतिक्रिया मांगी। मेयर ने पहले अपने ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, आगरा। भाजपा ब्रजक्षेत्र कार्यालय पर पत्रकार वार्ता के बाद मीडियाकर्मियों ने मेयर हेमलता दिवाकर से भारतीय संगीत की धरोहर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर प्रतिक्रिया ली।
इस दौरान मेयर ने पहले तो अपने सहयोगियों से उनके बारे में पूछा। कि आशा घोसले गायक हैं? इसके बाद उनका नाम आशा घोसले ही बोलते हुए श्रद्धांजलि दी। मेयर का यह वीडियो साेमवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया।
आशा भोसले के निधन को शहरवासियों ने बताया संगीत जगत की अपूर्णनीय क्षति
भारतीय संगीत की धरोहर पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन रविवार को हो गया। उनकी आवाज सीधे दिल में उतर जाती थी। पुरानी पीढ़ी हो या नई पीढ़ी, सभी पर उन्होंने दशकों तक अपनी आवाज के जादू से अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन से प्रशंसक ही नहीं, आम-ओ-खास भी दु:खी हो उठे। उन्होंने इसे भारतीय संगीत जगत की अपूर्णनीय क्षति बताया, जिसकी भरपाई भविष्य में संभव नहीं होगी।
पर्ची पर लिखे शब्दों से पिघल गई थीं
वरिष्ठ पत्रकार आदर्शनंदन गुप्त बताते हैं कि 23 जनवरी 2005 को आशा भोसले किसी कार्यक्रम से लौटकर हाेटल ताज व्यू में रुकी थीं। वह होटल पहुंचे और उनके रूम नंबर की जानकारी की। फोन करने पर उनके व्यक्तिगत सहायक (पीए) ने फोन उठाया। वह होटल की लाबी में आया और बोला कि आशा जी रियाज कर रही हैं और किसी से मिल नहीं रही हैं। तब मैंने उनके पीए से कहा कि तुम मेरी पर्ची उन्हें दे देना। वह मना करेंगी, तो मैं लौट जाऊंगा।
पीए ने पांच मिनट से अधिक समय नहीं लेने की हिदायत दी थी
पर्ची में लिखा था कि 'मेरे सामने प्रेम की नगरी में पहली बार आपका आगमन हुआ है। आज आपके दर्शन नहीं हुए तो मेरी 15 वर्ष की पत्रकारिता की साधना अधूरी रह जाएगी। बस पांच मिनट का समय दे दीजिए।' पीए द्वारा पर्ची दिए जाने पर उन्होंने कुछ मिनट बाद ही बुला लिया था। पीए ने पांच मिनट से अधिक समय नहीं लेने की हिदायत दी थी। फिल्मों पर उनसे काफी बातें हुई थीं। फिल्म आगरा रोड पर चर्चा की थी। पांच मिनट के बजाय आधा घंटे से अधिक समय तक वह बात करती रही थीं। घर की भी बात उन्होंने की थी। उन्होंने अपने जीवन में जो किया, वैसा शायद ही कोई कर पाए।
