आगरा, जागरण संवाददाता। चौहरे हत्याकांड की गुत्थी गुरुवार को पहली नजर में पुलिस को जितनी आसान लग रही थी। तीन दिन बाद यह केस उतना ही उलझता नजर आ रहा है। कातिल तक पहुंचने के लिए पुलिस रेखा के इंटरनेट मीडिया की डिटेल खंगाल रही है। मगर, रेखा की फेसबुक प्रोफाइल लाक है, मोबाइल भी पासवर्ड लाक है। पुलिस साइबर विशेषज्ञ की मदद से पासवर्ड क्रैक करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस को 21 जुलाई को घटनास्थल से रेखा का पुराना मोबाइल मिला था। यह मोबाइल खराब होने के चलते रेखा इस्तेमाल नहीं कर रही थी। रेखा ने नया मोबाइल दो महीने पहले खरीदा था। पुलिस ने मोबाइल को सही कराके उसे चालू कराया। मगर, उसमे पासवर्ड लगा होने के चलते नहीं खुला। पुलिस ने साइबर विशेषज्ञ से संपर्क किया, उसने डाटा डिलीट होने आशंका के चलते पासवर्ड क्रैक करने से मना कर दिया।

पुलिस की पूछताछ में जुनैद ने बताया कि रेखा जिद्दी और गुस्सैल स्वभाव की थी। इन दिनों उसने मकान बेचने की ठान रखी थी। वह कई प्रापर्टी डीलरों के संपर्क में थी। उसका मोबाइल घंटों व्यस्त रहता था। कई बार इस बारे में उससे पूछा लेकिन वह टाल देती थी।पुलिस ने रेखा के फेसबुक प्रोफाइल से उसके दोस्तों के बारे में जानने का प्रयास किया। मगर, फेसबुक प्राेफाइल लाक होने के चलते नतीजा नहीं निकला।

आनलाइन दोस्त के बारे में पता कर रही पुलिस

जैनुद से पूछताछ में पुलिस काे पता चला कि फरह ने रेखा की दोस्ती एक युवक से कराई थी। दोनों के बीच आनलाइन बातचीत होती थी। यह दोस्त आगरा से बाहर का है। उसने कई बार रेखा के जरूरत पड़ने पर आनलाइन पेमेंट भेजा था। पुलिस काे आशंका है कि जैनुद मामले को उलझाने के लिए यह सब कर रहा है। उसकी सच्चाई जानने के लिए वह रेखा के पेटीएम एकाउंट व बैंक के खातों के बारे में जानकारी कर रही है। 

Edited By: Tanu Gupta