आगरा, जागरण संवाददाता। नकली दवा का काला कारोबार कई राज्यों में फैला हुआ है। यहां दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं (सैंपल नॉट फॉर सेल की लेबल लगाकर) आ रहीं थी। इन्हें फव्वारा दवा बाजार के 50 थोक दवा की दुकानों पर सप्लाई किया जा रहा था। वहीं, गिरोह का सरगना संजीव गोयल पता बदलकर नकली दवा का अवैध धंधा कर रहा था। वह हाईस्कूल पास है। टीम ने गिरोह से जुड़े लोगों के सुबूत जुटाए हैं। औषधि विभाग की टीम ने बुधवार रात को निखिल उद्यान एन 27 में छापा मारकर 39 बोरे नकली दवाएं जब्त की थी। यहां से राजकुमार निवासी कृष्णा कॉलोनी मलपुरा और हर्ष निवासी बेंगलूरू को पकड़ा था, इन्होंने संजीव गोयल और संजय गोयल द्वारा नकली दवा का अवैध धंधा करने की जानकारी दी थी। ये दोनों मौके फरार हो गए थे। औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि संजीव गोयल ने 2003 में आरएम एंड संस, दुकान नंबर एक, माहेश्वरी गली कॉम्प्लेक्स खिन्नी गली फव्वारा के नाम से थोक दवा का पंजीकरण कराया था। यह 2008 तक था, इसके बाद नवीनीकरण कराया गया, 2018 में नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। इसमें पता बदल दिया गया और नया पता एन 27 निखिल उद्यान दर्ज किया गया, इसी पते पर टीम ने नकली दवाएं पकड़ी हैं। ऑनलाइन आवेदन में शैक्षिक योग्यता यूपी बोर्ड से 1989 में 60 फीसद अंक से हाईस्कूल उत्तीर्ण लिखा है।

उधर, टीम ने फव्वारा दवा बाजार में आरएम एंड संस पर छापा मारा, वह दुकान बंद मिली। टीम की पूछताछ में सामने आया है कि निखिल उद्यान में हर दूसरे दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से नकली दवाएं लेकर ट्रक आते थे। इन दवाओं को फव्वारा दवा बाजार के 50 थोक दवा कारोबारियों को सप्लाई किया जाता था। वहां से मेडिकल स्टोर पर दवाएं सप्लाई कर दी जातीं थी। ये दवाएं भी कई राज्यों में सप्लाई की जा रहीं थी। नकली दवा के कारोबारियों को बचा रही पुलिस औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि छापे के दौरान राजकुमार और हर्ष को पकड़ लिया था। सरगना संजीव गोयल और उसका भाई सुनील गोयल भाग गए थे, वे सामने के मकान में रहते थे लेकिन वहां महिलाएं मिलीं थी । संजीव गोयल, सुनील गोयल, राजकुमार और हर्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी।थाना सिकंदरा में राजकुमार और हर्ष के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बारे में इंस्पेक्टर प्रमोद पवार ने बताया कि मुकदमा कितने लोगों पर दर्ज किया गया है, यह मुझे पता नहीं है। आठ महीने बाद खुली दुकान, एक दवा का सैंपल औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि तारा फार्मा बोहरे राम गोपाल को राजस्थान की टीम पकड़ कर ले गई थी। दुकान को बंद कर नवंबर 2018 में नोटिस चस्पा कर दिया था। शुक्रवार को दुकान को खोला गया, खरीद बिक्री का रिकॉर्ड चेक करने के साथ ईएफसेफ ओ का सैंपल लिया गया है।

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